पीलीभीत के बरखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में इलाज में लापरवाही के कारण एक नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि नवजात को ऑक्सीजन देते समय बिजली गुल हो गई और जनरेटर नहीं चलाया गया, जिससे उसकी जान चली गई। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने करीब नौ घंटे तक नवजात का शव अस्पताल परिसर में ही रखा।
ग्राम जिओरहा कल्यानपुर निवासी सुनील कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी गीता देवी को 19 अप्रैल रविवार रात लगभग नौ बजे प्रसव के लिए बरखेड़ा सीएचसी में भर्ती कराया था। सुनील का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स मधु भारतीय और निशा ने मरीज की ठीक से देखभाल नहीं की। परिजनों को रात नौ बजे से दो बजे तक अंदर नहीं जाने दिया गया। न ही मरीज की स्थिति बिगड़ने पर उसे कहीं और रेफर किया गया।
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पीड़ित के अनुसार, प्रसव के बाद नवजात शिशु को ऑक्सीजन दी गई थी, लेकिन पांच मिनट बाद ही अस्पताल की बिजली कट गई। परिजनों ने जनरेटर चलाने की गुहार लगाई, तो स्टाफ ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि जनरेटर की व्यवस्था नहीं है। बच्चे को समय रहते किसी बड़े अस्पताल के लिए रेफर भी नहीं किया गया। अंधेरे और ऑक्सीजन की कमी के चलते नवजात शिशु ने अस्पताल में ही दम तोड़ दिया।