उत्तराखंड से सटे डिबडिबा गांव में रविवार रात नाबालिग की शादी कराने को लेकर विवाद हो गया। ताऊ ने चाइल्ड हेल्प लाइन को बुलाकर शादी रुकवा दी, जिससे आक्रोशित मामा अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंच गया। इस दौरान मामा के एक साथी ने ताऊ पर तमंचे से फायर कर दिया।
फायरिंग में दो लोगों को छर्रे लग गए। घायलों का इलाज रुद्रपुर के एक अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामा समेत पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस के अनुसार घटना कोतवाली क्षेत्र के डिबडिबा गांव में प्रगट सिंह के फार्म हाउस पर हुई।
सुमन, जो दिवंगत अशोक की पत्नी हैं, अपनी तीसरे नंबर की पुत्री का विवाह बरेली के करन से कर रही थीं और वह प्रगट सिंह के फार्म हाउस पर काम करती हैं। शादी की जानकारी मिलने पर बीसलपुर, शीशगढ़ बरेली निवासी ताऊ मुकेश फार्म हाउस पहुंचे और विरोध किया।
इसके बाद उन्होंने चाइल्ड हेल्प लाइन को सूचना दी। टीम मौके पर पहुंची और नाबालिग होने की शिकायत पर शादी रुकवा दी। इससे नाराज मामा अमन बोलेरो में चार-पांच अज्ञात लोगों के साथ विवाह स्थल पर पहुंचा। इस दौरान ताऊ मुकेश और अमन के बीच मारपीट हुई।
आरोप है कि इसी बीच अमन के साथ आए अजय पाल और अन्य ने मुकेश पर तमंचे से फायर कर दिया। मुकेश बाल-बाल बच गए, लेकिन उनके पास खड़े भगवान दास, निवासी बीसलपुर, बरेली और फार्म स्वामी के भाई जसविंदर सिंह को गोली के छर्रे लगने से वे घायल हो गए।
घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। सूचना मिलने पर रुद्र विलास चौकी पुलिस और कोतवाली प्रभारी जीत सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायलों को उत्तराखंड सीमा से सटे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
