पिछले साल की तुलना में इस साल जनवरी से मार्च के बीच सड़क हादसों में मामूली गिरावट आई है, लेकिन 50 फीसदी उछाल के साथ प्रदेश में अलीगढ़ शीर्ष पर है। वहीं इन घटनाओं में सर्वाधिक 43% मौतें फतेहगढ़ जिले में बढ़ी हैं। परिवहन विभाग ने जारी रिपोर्ट में बताया कि 2025 की तुलना में 2026 की पहली तिमाही में प्रदेश स्तर पर सड़क दुर्घटनाओं में 0.4 फीसदी और मृतकों की संख्या में 3.4 की कमी आई है, हालांकि घायलों की संख्या में 5.5 फीसदी की वृद्धि हुई। 35 जिलों में मौतें बढ़ी हैं जबकि छह जिलों में न ही कोई वृद्धि और न ही कमी दर्ज की गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश स्तर पर अलीगढ़ जिला में सबसे ज्यादा सड़क हादसे और घायलों की संख्या में उछाल आया है। यहां जनवरी से मार्च 2025 में यहां 279 सड़क दुर्घटनाओं में 299 घायल हुए जबकि इस वर्ष जनवरी से मार्च के बीच 421 हादसों में 643 लोग घायल हुए। इस तरह घटनाओं में 50.9 और घायलों की संख्या में 115.1 फीसदी का उछाल आया है। दूसरे स्थान पर बागपत 33.3, चंदौली 31.7 और फतेहगढ़ में 29.6 फीसदी सड़क हादसे बढ़े हैं। इसके उलट हमीरपुर में 30.8,जालौन में 28, गौतमबुद्धनगर में 23 और बुलंदशहर में सड़क दुर्घटनाओं में 23.5 फीसदी की गिरावट आई है।
प्रदेश में जनवरी से मार्च 2025 में 12549 सड़क हादसों में 6863 लोगों की मौत हुई जबकि 9453 लोग घायल हुए। इस साल जनवरी से मार्च माह के बीच 12502 सड़क हादसों में 6629 लोगों की मौत और 9969 घायल हुए हैं। बीते मार्च में 4574 दुर्घटनाओं में 2509 लोगों की मौत हुई और 3725 घायल हुए।
सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रवर्तन के साथ-साथ आम लोगों में यातायात जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। अलीगढ़ मंडल में बढ़ते हादसों को देखते हुए विशेष निगरानी और अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। — दीपक कुमार शाह, आरटीओ
