आगरा। जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, हीलाहवाली और जनता दर्शन से अफसरों की गैरहाजिरी पर जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को उन्होंने जनता दर्शन में गैरहाजिर अधिकारियों का वेतन काटने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि आरटीई के तहत प्रवेश न देने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द की जाएगी।
कलेक्ट्रेट में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। पेंशन के नाम पर दौड़ और शिकायतकर्ताओं को बेवजह दफ्तर बुलाने पर कड़ी आपत्ति जताई। निर्देश दिए कि पंचायत सचिव स्वयं गांव जाकर 15 दिन में सभी पात्रों की पेंशन प्रक्रिया पूरी कराएं।
खंड शिक्षा अधिकारी (नगर) के तीन प्रकरणों में 100% असंतुष्टि मिलने पर डीएम बिफर गए। प्रवेश न लेने वाले स्कूलों की मान्यता प्रत्याहरण (रद्द करने) के निर्देश दिए। समाज कल्याण, एआरटीओ, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई और टोरंट जैसे विभागों के असंतुष्ट शिकायतकर्ताओं से संपर्क न करने पर कड़ी फटकार लगाई। वहीं, 98% मामलों में संपर्क करने पर जिला पूर्ति अधिकारी की सराहना भी की।
उन्होंने अस्पतालों में साफ-सफाई और कर्मियों का व्यवहार सुधारने, परिवहन विभाग को सीएम कार्यालय के फीडबैक सुनकर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिले की सभी 690 ग्राम पंचायतों में मंगल वाटिका स्थापित की जाएगी। इसके लिए गड्ढा खुदाई और ड्रोन वीडियोग्राफी की व्यवस्था कराई जाए।
