भारत के ऑटोमोबाइल बाजार में FY26 के दौरान पश्चिमी और उत्तरी राज्यों का दबदबा साफ देखने को मिला। सोसायती ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स की ओर जारी राज्य-वार वाहन बिक्री डेटा के अनुसार महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े ऑटो बाजार बनकर उभरे हैं। जहां महाराष्ट्र ने पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों की बिक्री में बाजी मारी, वहीं उत्तर प्रदेश ने टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सेगमेंट में सबसे ज्यादा मांग दर्ज की।

पैसेंजर व्हीकल बिक्री में महाराष्ट्र नंबर-1

FY26 में भारत में कुल 46.43 लाख पैसेंजर वाहन (PV) बिके। इस दौरान पश्चिमी जोन ने सबसे ज्यादा 15.28 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज की। राज्यवार आंकड़ों में महाराष्ट्र सबसे आगे रहा, जहां 5.64 लाख पैसेंजर वाहनों की बिक्री हुई। इसके बाद उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु का स्थान रहा। ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि महाराष्ट्र में मजबूत शहरी बाजार, बढ़ती SUV डिमांड और बेहतर फाइनेंस विकल्पों ने बिक्री को बढ़ावा दिया।

टू-व्हीलर बाजार में यूपी का दबदबा

भारत का सबसे बड़ा वाहन सेगमेंट टू-व्हीलर रहा। FY26 में देशभर में कुल 21.71 मिलियन टू-व्हीलर बिके। इस सेगमेंट में पश्चिमी जोन ने 7.11 मिलियन यूनिट्स के साथ लीड किया, लेकिन राज्यवार आंकड़ों में उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा। यूपी में 3.18 मिलियन टू-व्हीलर बिके। इसके बाद महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात और कर्नाटक का स्थान रहा। ग्रामीण और छोटे शहरों में बढ़ती मांग, बेहतर सड़क नेटवर्क और किफायती फाइनेंसिंग इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है।

थ्री-व्हीलर सेगमेंट में भी यूपी टॉप

FY26 में भारत में कुल 8.36 लाख थ्री-व्हीलर बिके। दक्षिणी जोन ने 2.57 लाख यूनिट्स के साथ सबसे ज्यादा योगदान दिया। हालांकि राज्य स्तर पर उत्तर प्रदेश ने सबसे ज्यादा 0.99 लाख थ्री-व्हीलर बिक्री दर्ज की। इसके बाद गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और बिहार रहे। ई-रिक्शा और शहरी परिवहन की बात करें तो इनकी बढ़ती जरूरत ने इस सेगमेंट की बिक्री को मजबूती दी है।

कमर्शियल व्हीकल बिक्री में महाराष्ट्र आगे

कमर्शियल वाहन (CV) सेगमेंट में FY26 के दौरान देशभर में10.80 लाख यूनिट्स की बिक्री हुई। पश्चिमी जोन ने 3.98 लाख यूनिट्स के साथ सबसे ज्यादा बिक्री दर्ज की। राज्यवार आंकड़ों में महाराष्ट्र सबसे बड़ा CV बाजार बनकर सामने आया, जहां 1.61 लाख यूनिट्स बिकीं। इसके बाद गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक रहे। बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, लॉजिस्टिक्स सेक्टर और इंडस्ट्रियल गतिविधियों ने सीवी डिमांड को मजबूत किया।

क्यों तेजी से बढ़ रहा है भारत का ऑटो बाजार?

ऑटो इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार भारतीय बाजार में अब ग्राहक बेहतर माइलेज, एडवांस फीचर्स, मजबूत सेफ्टी और कम रनिंग कॉस्ट वाले वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीण बाजारों में बढ़ती खरीदारी, आसान वाहन फाइनेंस, नई टेक्नोलॉजी और EV या हाइब्रिड विकल्प इंफ्रास्ट्रक्चर विकास जैसे फैक्टर्स भी वाहन बिक्री को लगातार बढ़ावा दे रहे हैं।



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