हाथरस जिले में सर्प दंश के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। शनिवार देर शाम से रविवार सुबह तक जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सर्प दंश के 14 मामले आए। एंटी वेनम लगने के बाद इनकी हालत में सुधार आया। कुछ मरीज सर्प दंश से घबराहट के भी थे, जिनमें जहर के लक्षण नहीं थे।

हाथरस जंक्शन के गांव जलालपुर में चार वर्ष के गणेश को सांप ने काट लिया। पिता नरेंद्र मोहन ने बताया कि वह घर के आंगन में खेल रहा था। वहीं झाड़ियों में सांप बैठा हुआ। सांप ने अचानक उसके पैर पर हमला कर दिया। बच्चे के रोने पर घटना की जानकारी हुई। वे बच्चे को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे एंटी वेनम दिया गया। बच्चा खतरे से बाहर है।

इसी तरह चिंतागढ़ी के अंशु को शनिवार रात सोते समय सांप ने डस लिया। वह जमीन पर सोया हुआ था। डसने के बाद अंशु को पैर में जलन व दर्द महसूस हुआ, जिस पर परिजन उसे लेकर तत्काल इमरजेंसी पहुंचे। सासनी के गांव जिरौली में प्रियंका पत्नी कुलदीप को शनिवार रात घर में काम करते समय सांप ने डस लिया।

ये भी हुए शिकार

सर्पदंश के कारण सादाबाद के शिवम व संजय, वीर नगर के नीरज, खोरना निवासी कान्हा, खोड़ा रति के मनीष, दरियापुर के प्रशांत, भूडरी, मुरसान के अमन, वनगढ़ के हरिशंकर, रुहेरी निवासी हरिश्चंद्र भी उपचार के लिए इमरजेंसी पहुंचे। सीएमएस डाॅ. सूर्यप्रकाश ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 32 एंटी वेनम शीशियों का प्रयोग हुआ है।

चार सांपों के जहर का तोड़ एक दवा में

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हाथरस, अलीगढ़, मथुरा, आगरा आदि मैदानी क्षेत्रों में मुख्य रूप से चार प्रकार के अत्यधिक जहरीले सांप पाए जाते हैं, जिन्हें चिकित्सा विज्ञान में बिग फोर कहा जाता है। इनके जहर की काट के लिए पॉलीवेलेंट एंटी स्नेक वेनम नाम की दवा का प्रयोग किया जाता है। यह दवा चारों जहरीले सांप कोबरा, करैत, रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर के जहर को बेअसर करने की क्षमता रखती है।



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