लवेदी (इटावा)। ग्राम पंचायत चिंडौली में संदिग्ध हालात में मां-बेटे के शव मिलने से खलबली मच गई। पुराने मकान में बेटे का शव जमीन पर था जबकि मां का शव साड़ी के फंदे से लटक रहा था। पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र कर परिजनों से पूछताछ की लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। ग्रामीणों में चर्चा है कि बेटे की जहर खाने से जहां मौत हुई, उसको देखकर मां ने फंदा लगाया है।
चिंडौली निवासी सटार सिंह के गांव में दो मकान बने हैं। वर्तमान में वह नए मकान में परिवार समेत रहते हैं। कुछ दूरी पर बने पुराने मकान में जानवर बांधे जाते हैं। सटार सिंह के मुताबिक, शाम करीब चार बजे पत्नी गुड्डी देवी (55) जानवरों को चारा देने पुराने घर गई थी। शाम पांच बजे तक दोनों के घर न लौटने पर सटार सिंह को शक हुआ। वह पुराने घर पहुंचे तो वहां का नजारा देख उनके होश उड़ गए। बेटा विवेक (21) कमरे में जमीन पर पड़ा था जबकि गुड्डी का शव फंदे से लटक रहा था। ग्रामीणों ने घटना की सूचना देने के लिए कई बार डायल 112 पर कॉल की लेकिन कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर उन्होंने शाम साढ़े पांच बजे लवेदी पुलिस को सूचना दी। सूचना के करीब दो घंटे बाद पुलिस व फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। एसपी ग्रामीण श्रीश्चंद्र ने बताया कि प्रथम दृष्टया मां-बेटे ने घरेलू विवाद में आत्महत्या की है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट में स्पष्ट बात पता चल सकेगी।
विवेक की छह माह पहले एटा के खरफुलिया गांव में छह माह पहले शादी तय हो गई थी। लड़की से विवेक की बात भी होती थी। दोनों की नवंबर में शादी होने वाली थी। आशंका है कि विवेक का अपनी मंगेतर से किसी बात को लेकर कोई विवाद हुआ होगा। इसके बाद युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया।
बेटे विवेक व पत्नी गुड्डी देवी को मृत देख सटार सिंह ने आपा खो दिया। वह चीखते व चिल्लाते हुए जमुना नदी की ओर जान देने के लिए दौड़ पड़े। हालांकि ग्रामीणों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। साथ ही काफी देर समझाया, इसके बाद वह शांत हुए। देर शाम तक सटार सिंह व उनके बड़े बेटे का रो-रोकर बुरा हाल था।
