आगरा। नगर निगम सदन के अधिवेशन में व्यापारियों पर लगाया गया ट्रेड लाइसेंस शुल्क का प्रस्ताव फिलहाल रोक दिया गया है। सोमवार को मेयर हेमलता दिवाकर की अध्यक्षता में हुए अधिवेशन में 12वें अधिवेशन के इस प्रस्ताव को छोड़कर अन्य की पुष्टि कर दी गई। मेयर ने कहा कि व्यापारियों से आपत्तियां लेकर इसे शासन को भेजा जाएगा। तब यह हटाया जाएगा। नगर निगम ने 12वें अधिवेशन में ट्रेड लाइसेंस शुल्क को मंजूरी दी थी, लेकिन व्यापारियों ने इसका विरोध कर दिया। सदन में इस प्रस्ताव को हटाने के साथ शासन भेजने पर सहमति बनी है।

वरिष्ठ पार्षद रवि बिहारी माथुर ने नगर निगम के कचरा एकत्र करने के यूजर चार्ज में संशोधन का प्रस्ताव रखा, जिसे मंजूर कर लिया गया। इसमें कमी की गई है। पार्षद रवि माथुर के इस प्रस्ताव में टैगिंग और पंजीकरण राशि को शून्य कर दिया गया है, वहीं कचरा लेने के लिए ईडब्ल्यूएस से लेकर धर्मशाला, होटल, दुकानों, ऑफिस, शिक्षण संस्थानों के शुल्क में कमी की गई है। सदन में रखे गए प्रस्ताव पर बताया कि जनता की कोई आपत्ति नहीं आई। इस पर मेयर ने इस प्रस्ताव को लागू करते हुए यूजर चार्ज की संशोधित दरों को प्रस्ताव को पास कर दिया।


कचरा लेने का यह रहेगा यूजर चार्ज

उपयोगकर्ता पहले शुल्क अब

झोपड़ी निशुल्क निशुल्क

ईडब्ल्यूएस 45 30

एमआईजी 60 40

200 वर्ग फीट का रेस्तरां 1725 500

सब्जी फल विक्रेता 230 100

20 बेड तक होटल 2875 800

धर्मशाला 55 10 रुपये प्रति कमरा

हॉस्टल 2900 800


वाटर टैक्स के एरियर पर हुई बहस

पार्षद रवि माथुर, प्रकाश केशवानी और अन्य ने जलकल विभाग के पानी और सीवर के बिलों में वसूल किए जा रहे एरियर का विरोध किया। प्रस्ताव में कहा कि नगर निगम की एनुअल रेंटल वैल्यू (एआरवी) के आधार पर जलकल विभाग अपने बिल का निर्धारण करता है। एआरवी अपडेट नहीं करने से वर्ष 2014 से एरियर लगाकर जनता का उत्पीड़न कर रहा है। निलंबित किए गए महाप्रबंधक एके राजपूत ने सदन में एरियर न वसूलने की हामी भरी, लेकिन माने नहीं। जलकल विभाग के प्रभारी महाप्रबंधक संघ भूषण ने कहा कि इस विषय पर एक कमेटी बनाकर निर्णय लिया जाए। मेयर ने एक कमेटी बनाकर इस मुद्दे का हल निकालने को कहा और वर्तमान बिलों में एरियर की वसूली नहीं करने के निर्देश दिए।


निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार, दो दिन में देनी होगी रिपोर्ट

बसपा पार्षद यशपाल सिंह ने पुरा गोवर्धन में बाउंड्रीवाल के निर्माण, कीर्ति नगर में नाली इंटरलॉकिंग, नाई की सराय में इंटरलाकिंग, टेढ़ी बगिया 100 फुटा रोड पर नाले का निर्माण और हेमा पेट्रोल पंप रोड पर नाला और साइट पटरी के काम में भ्रष्टाचार के आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ठेकेदार फर्मों ने इन कार्यों में मनमानी की है। बार-बार शिकायत के बावजूद गुणवत्ता से खिलवाड़ की गई है। कार्य मानकों के अनुरूप नहीं हुआ है। उन्होंने इन निर्माणों की जांच कराकर फर्मों का भुगतान रोकने की मांग की। इस पर मेयर ने प्रभारी मुख्य अभियंता को मामले की जांच कर दो दिन के अंदर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।


पेपर कप प्रतिबंधित, कुल्हड़ में दें चाय

आगरा में कागज से बने चाय के कप का प्रयोग प्रतिबंधित किया जाएगा। पार्षद राकेश जैन और रवि माथुर ने प्रस्ताव रखा कि इन कपों को बनाने के लिए गरम प्लास्टिक या मोम की परत लगाई जाती है। गरम चाय, कॉफी डालने पर परत पिघलकर माइक्रो प्लास्टिक या खतरनाक रसायन छोड़ती है। इससे कैंसर जैसी घातक बीमारी की खतरा है। इसकी जगह मिट्टी के कुल्हड़ या कांच के गिलास प्रयोग में लाए जाएं। सदन ने आम सहमति से इसे पास कर पेपर कप पर प्रतिबंध लगा दिया है।


शहीद कैप्टन आशीष देवा के नाम पर रखें मेट्रो स्टेशन का नाम

भाजपा पार्षद प्रवीना राजावत ने शहीद कैप्टन आशीष देवा के नाम पर एमजी रोड पर राजामंडी पर बन रहे मेट्रो स्टेशन का नाम रखने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 में कैप्टन आशीष देवा ने भारतीय सेना के आपरेशन पराक्रम में राष्ट्र रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। वह बचपन में राजामंडी में रहते थे। जीआईसी और आगरा काॅलेज से पढ़ाई की। उनकी स्मृति के लिए मेट्रो स्टेशन का नाम उनके नाम पर रखा जाए। मेयर ने कहा कि यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है, लेकिन इस प्रस्ताव को पास करके शासन को भेजा जा रहा है। वहीं से फैसला होगा।


एमजी रोड पर बनी मजार हटाने पर हंगामा

सदन में भाजपा पार्षद शरद चौहान ने एमजी रोड पर आगरा कॉलेज के पास बनी मजार को हटाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि मेट्रो पिलर के कारण मजार बीच में आ गई है। ऐसे में वाहनों के टकराने की आशंका पर इसे हटाकर किनारे किया जाए। उन्होंने खंदारी पर मंदिर और मजार हटाने का उदाहरण दिया, जिस पर बसपा पार्षद सुहैल कुरैशी और सपा पार्षद जरीना बेगम ने विरोध किया। इस मामले में पार्षद सुहैल कुरैशी ने बताया कि प्रशासन के साथ वार्ता हो रही है। धर्मगुरुओं से चर्चा के बाद ही कोई फैसला किया जाए। मेयर हेमलता दिवाकर ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों और मजार के केयरटेकर के साथ नगर निगम के अधिकारी इस मामले में वार्ता करेंगे।

नगर निगम सदन अधिवेशन

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