अभी गोविंदपुरी तक जा रही लखनऊ इंटरसिटी और मेमू 14 मई से लखनऊ तक चलेगी। उत्तर रेलवे क्षेत्र में मेगा ट्रैफिक और पावर ब्लॉक के चलते दो अप्रैल से झांसी से लखनऊ होकर चलने वाली नौ गाड़ियाें को कानपुर से रूट बदलकर निकाला जा रहा था। वहीं, लखनऊ तक जाने वाली चार सुपरफास्ट ट्रेनें आंशिक निरस्त कर कानपुर तक संचालित की जा रही थीं।
2 अप्रैल से 13 मई तक रेलवे ने मेगा ब्लॉक लिया है। इस कारण झांसी-लखनऊ रूट की 19 गाड़ियां प्रभावित हैं। झांसी-लखनऊ इंटरसिटी व झांसी-लखनऊ मेमू का संचालन गोविंदपुरी तक सीमित कर दिया गया। पुणे से लखनऊ के बीच चलने वाली ट्रेन (12103/12104) व लोकमान्य तिलक से लखनऊ के बीच चलने वाली एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22121/22122) लखनऊ के बजाय कानपुर तक जा रही थीं और वापसी में भी कानपुर से ही संचालित की जा रही थीं। इसके साथ लोकमान्य तिलक-सीतापुर एक्सप्रेस (12107) को झांसी मंडल में डेढ़ घंटे की देरी से संचालित किया जा रहा था। गाड़ियों के सीधे लखनऊ न जाने से यात्री परेशान थे। अब 14 मई से एक बार फिर गाड़ियों के सीधे लखनऊ तक जाने से यात्रियों को राहत मिलेगी।
यह नौ ट्रेनें सीधे लखनऊ होकर जाएंगी
अभी कानपुर से बदले रेलवे रूट से चल रही सूरत-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस (19053), अहमदाबाद-डिब्रूगढ़ क्लोन स्पेशल (09465), लोकमान्य तिलक-गोरखपुर एक्सप्रेस (11079), पनवेल-गोरखपुर एक्सप्रेस (15066), ओखा-गोरखपुर एक्सप्रेस (15046), यशवंतपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस (22534), छत्रपति शिवाजी टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस (12598), यशवंतपुर-गोरखपुर एक्सप्रेस (15024) और पुणे-गोरखपुर एक्सप्रेस (15030) 14 मई से पूर्व की भांति अपने निर्धारित रूट से चलेंगी।
दो अप्रैल से 13 मई तक मेगा ट्रैफिक व पावर ब्लॉक के कारण झांसी से लखनऊ जाने वाली गाड़ियां 42 दिनों से प्रभावित चल रही थीं। 14 मई से उक्त सभी गाड़ियां पूर्व की भांति संचालित की जाएंगी। मनोज कुमार, पीआरओ
