उरई। वर्षों से जाम और फाटक बंद होने की समस्या झेल रहे अजनारी रेलवे क्रॉसिंग क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। रेलवे की गति शक्ति यूनिट ने अजनारी रोड रेलवे क्रॉसिंग नंबर-181 पर रोड ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रेलवे की ओर से टेंडर जारी कर दिया गया है और 15 मई तक टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है। इसके बाद चयनित कंपनी निर्माण कार्य शुरू करेगी।

करीब 140 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल उरई शहर के बाहरी क्षेत्र की यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों को रोज लगने वाले जाम और फाटक बंद होने की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी। इस मार्ग से रोजाना 50 हजार से ज्यादा लोग गुजरते हैं।

प्रस्तावित रोड ओवरब्रिज की कुल लंबाई करीब 625 मीटर होगी, जबकि इसकी चौड़ाई लगभग 20 फीट रखी गई है। पुल रेलवे ट्रैक से करीब सात मीटर ऊंचा बनाया जाएगा। रेलवे लाइन के ऊपर आने वाले लगभग 25 मीटर हिस्से का निर्माण रेलवे विभाग कराएगा, जिसके लिए करीब 40 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है। वहीं पुल के दोनों ओर एप्रोच रोड और संपर्क मार्गों के निर्माण पर राज्य सरकार लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

रेलवे ने इस परियोजना को पूरा करने के लिए 18 महीने की समयसीमा तय की है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य तेजी से पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। फाटक बंद होने पर कई लोग जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करते हैं। इससे हादसों की आशंका बनी रहती है। आरओबी बनने के बाद लोगों को ट्रैक पार करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।

हर आधे घंटे में बंद होता है फाटक

अजनारी रेलवे फाटक लंबे समय से लोगों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। झांसी-कानपुर रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही अधिक होने के कारण फाटक बार-बार बंद करना पड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार हर आधे घंटे में फाटक बंद हो जाता है, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। यह मार्ग उरई शहर को आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और हाईवे से जोड़ता है। ऐसे में स्कूल बसों, एंबुलेंस, किसानों, व्यापारियों और रोजमर्रा के यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

जाम की स्थिति में कई बार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हो जाती है, जबकि स्कूली बच्चे और नौकरीपेशा लोग घंटों फंसे रहते हैं। भारी वाहनों के कारण सड़क पर दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।

इन गांवों को मिलेगा सीधा फायदा

फोटो- 10 राजवीर सिंह जादौन।

किसान नेता राजवीर सिंह जादौन ने कहा कि ओवरब्रिज बनने के बाद अजनारी, बड़ेरा, चिल्ली, फूलपुरा, काबिलपुरा, विरगुवां, टिमरों, गोरन, जैसारी, खदानी, बरसार, कोटरा समेत आसपास के गांवों के लोगों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी। इन गांवों के लोग रोजमर्रा के काम, बाजार, अस्पताल और स्कूल-कॉलेज के लिए उरई आते-जाते हैं। फाटक बंद होने की वजह से उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन पुल बनने के बाद आवागमन पूरी तरह सुगम हो जाएगा।

हाईवे यात्रियों और एंबुलेंस को भी राहत

फोटो- 20 अधिवक्ता शिवकांत पाठक।

अधिवक्ता शिवकांत पाठक का कहना है कि मार्ग झांसी और कानपुर की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। ओवरब्रिज बनने के बाद हाईवे से आने-जाने वाले वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा। इससे समय की बचत होगी और ट्रैफिक दबाव भी कम होगा। एंबुलेंस सेवाओं को भी फायदा मिलेगा। वर्तमान में फाटक बंद होने पर कई बार मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस लंबे समय तक फंसी रहती हैं। पुल बनने के बाद आपातकालीन सेवाओं की रफ्तार तेज होगी।

रेलवे अधिकारियों ने जताई उम्मीद

टेंडर होते ही आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ओवरब्रिज के निर्माण से ट्रेनों की गति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। यह परियोजना रेल और सड़क दोनों यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।

– मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, झांसी मंडल

फोटो- 10 राजवीर सिंह जादौन।

फोटो- 10 राजवीर सिंह जादौन।

फोटो- 10 राजवीर सिंह जादौन।

फोटो- 10 राजवीर सिंह जादौन।



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