आगरा में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी ने तत्कालीन सहायक पुलिस आयुक्त छत्ता श्वेता वर्मा द्वारा अदालत में किए अमर्यादित आचरण पर उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 384 के तहत प्रकीर्ण वाद दर्ज कर 24 जुलाई 2026 को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाजिर होकर स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए। एसीपी पर आरोप है कि उन्होंने अदालत के आदेशों के पालन में अनावश्यक देरी की। उनसे देरी का कारण पूछा गया तो उन्होंने अमर्यादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा हमें और भी काम रहता है आपने हमें बुला लिया। बाद में उन्होंने यह भी कहा कि हम करा लेंगे डीएनए।
थाना ट्रांस यमुना के दीपक विहार, टेढ़ी बगिया निवासी आरोपी अर्पित बघेल के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और दलित उत्पीड़न के आरोप में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी की अदालत में लंबित है। विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता का अल्ट्रासाउंड कराया। रिपोर्ट के अनुसार आरोपी के आपराधिक कृत्य से पीड़िता 33 सप्ताह 10 दिन की गर्भवती है। आरोपी अर्पित बघेल जिला कारागार में निरुद्ध है। सहायक पुलिस आयुक्त छत्ता ने अदालत में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कर आरोपी के डीएनए जांच का आदेश देने का आग्रह किया था। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोहित शेखर बनाम एनडी तिवारी (पूर्व मुख्यमंत्री) एवं अन्य के मामले में पारित नजीर का हवाला देते हुए आरोपी के डीएनए के आदेश पारित कर दिए थे।