13 जुलाई 2021 को पांच करोड़ की फिराैती के लिए विद्या नर्सिंग होम के मालिक डाॅ. उमाकांत गुप्ता का अपहरण करने वाले दो बदमाशों को ढेर कर पुलिस ने मुक्त कराया था। इस ऑपरेशन को सफल बनाने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत सरकार ने पदक की घोषणा की है। तत्कालीन एसएसपी मुनिराज जी, एसपी पश्चिम सत्यजीत गुप्ता, सर्विलांस प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह, हेड कांस्टेबल प्रशांत कुमार और हेड कांस्टेबल आदेश त्रिपाठी को वीरता पदक प्रदान किया गया है।
ट्रांस यमुना कालोनी स्थित नर्सिंग होम के मालिक डाॅ. उमाकांत गुप्ता को मंगला नाम की एक युवती ने हनी ट्रैप में फंसाया था। एक युवती बहाने से बुलाकर ले गई थी। सुनसान इलाके में डाॅक्टर को रोक लिया गया था। बदमाश उन्हें अगवा कर ले गए थे। उन्हें राजस्थान के धाैलपुर ले गए थे। घटना की जानकारी से पुलिस की चिंता बढ़ गई थी। कई टीम गठित की गईं। धाैलपुर में लावारिस हाल में कार मिली थी। एक बदमाश को पकड़ लिया था। जगनेर के कछपुरा के जंगल में दो बदमाशों की घेराबंदी की थी। दस्यु केशव गुर्जर का गुर्गा बदन सिंह और अक्षय को ढेर कर दिया गया था।
पुलिस टीम में एसएसपी मुनिराज जी और एसपी पश्चिमी सत्यजीत गुप्ता ने टीम का नेतृत्व किया था। बदमाशों ने पुलिस टीम पर गोलियां चलाई थीं। पुलिसकर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए बदमाशों को ढेर कर दिया था। साहसिक मुठभेड़ के लिए भारत सरकार की ओर से गैलेंट्री पदक प्रदान किया गया। मुनिराज जी वर्तमान में मुरादाबाद रेंज के डीआईजी हैं। वहीं सत्यजीत गुप्ता कानपुर में डीसीपी पूर्वी जोन हैं। नरेंद्र सिंह फिरोजाबाद में तैनात हैं। मगर एडीजी जोन कार्यालय में संबंध हैं। वहीं सिपाही प्रशांत कुमार एसटीएफ आगरा यूनिट और आदेश त्रिपाठी गाजियाबाद में तैनाती हैं। पदक मिलने के बाद अधिकारी और पुलिसकर्मी खुश हैं।