नकली, सरकारी और सैंपल दवाओं की तस्करी की जांच सुस्त है। दवाओं के नमूनों की जांच अब तक नहीं हुई। यहां तक कि इसमें संलिप्त मिलने पर निरस्त किए थोक दवा की 58 मेडिकल फर्मों की सूची भी दबा दी गई है। इससे इनके बारे में मेडिकल स्टोर संचालक और लोगों को जानकारी नहीं हो पा रही है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने नकली और सरकारी, एक्सपायर्ड, सैंपल दवाओं की री-लेबलिंग कर तस्करी का सिंडिकेट पकड़ा था। रैकेट उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में सक्रिय था। टीम ने मई से जुलाई तक 100 से अधिक मेडिकल फर्म और गोदामों पर छापा मारकर 3.72 करोड़ रुपये की दवाएं सीज की।
इनमें से 58 मेडिकल फर्मों (थोक इकाइयां) के लाइसेंस निरस्त भी किए। करीब महीनेभर होने पर भी सूची सार्वजनिक नहीं की। इससे फुटकर मेडिकल विक्रेताओं के इनके नाम नहीं पता हैं, जिससे ये खरीद-बिक्री से बच सकें। एफएसडीए की आयुक्त की अगुवाई में दवाओं के 125 नमूने जांच को भेजे थे। ये नामी कंपनियों के नाम की दवाएं हैं।
इसमें एंटीबायोटिक, पेट रोग, मधुमेह, थायराइड, एलर्जी समेत कई अन्य मर्ज की दवाएं रहीं। अंतरराज्यीय सिंडिकेट पकड़ में आने के बाद इन नमूनों की प्राथमिकता पर जांच कराने का दावा किया लेकिन अब तक एक भी नमूने की रिपोर्ट नहीं आई है।
रोक के नाम पर सौदेबाजी की आशंका
जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशु शर्मा ने बताया कि विभाग ने थोक लाइसेंस पर रोक लगा दी है। सूची भी जारी नहीं कर रहे हैं। विभाग की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं। सूची दबाने के बीच फर्म के बहाली करने में सौदेबाजी की आशंका है। मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सूची सार्वजनिक करने की मांग करेंगे।
एक-दूसरे पर टाल रहे अधिकारी
आयुक्त एफएसडीए डॉ. रोशन जैकब ने कहा कि थोक दवा के 58 मेडिकल एजेंसी के लाइसेंस निरस्त करने के बाद जिले के औषधि विभाग के अधिकारियों को सूची उपलब्ध करा दी थी। सहायक आयुक्त औषधि से सूची प्राप्त कर सकते हैं।
कोर्ट में व्यस्तता से नहीं बनी
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय का कहना है कि नकली-सैंपल दवाओं की तस्करी का सिंडिकेट पकड़े जाने के बाद औषधि निरीक्षक कोर्ट के कार्यों में व्यस्त हैं। इस वजह से सूची नहीं बन पा रही है। औषधि निरीक्षक को सूची बनाने के लिए कहा है।
नहीं मिला दिशा-निर्देश
औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्रा ने बताया कि थोक दवाओं की 58 मेडिकल एजेंसी की सूची जारी करने के लिए अभी कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है। विभाग के बड़े अधिकारियों के निर्देश मिलने पर इनकी सूची जारी कर दी जाएगी।
