मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, अफवाह फैलाने और माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा आस्था, अनुशासन और सामाजिक समरसता महापर्व है। इसमें किसी तरह का उपद्रव या गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
बृहस्पतिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, बाढ़, खाद की उपलब्धता और आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा बड़ी संख्या में लोगों की आस्था से जुड़ा आयोजन है। इसकी सुरक्षा और सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बरेली में कांवड़ यात्रा और आला हजरत उर्स को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि गाजियाबाद से अब तक करीब 70 हजार कांवड़िये गुजर चुके हैं। अगले दो दिनों में संख्या बढ़ने की संभावना है। सीएम ने अधिकारियों को सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। स्पष्ट कहा है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट आदि अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाए।
शोहदों-टप्पेबाजों की पहचान सार्वजनिक होगी
महिला सुरक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं से जुड़े अपराधों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। शोहदों और टप्पेबाजों की पहचान सार्वजनिक की जाए, संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और मिशन शक्ति अभियान को और प्रभावी बनाया जाए।
खाद की कालाबाजारी ना हो
मुख्यमंत्री ने किसानों को समय पर यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खाद की कालाबाजारी किसी भी कीमत पर नहीं होनी चाहिए। वितरण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाए और नेपाल सीमा से लगे जिलों में विशेष निगरानी रखी जाए।
बढ़ प्रभावित क्षेत्र में तैयारी पूरी रखें
बाढ़ प्रभावित जिलों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव कार्य तेज रखने, तटबंधों की निगरानी बढ़ाने तथा कटान से प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही अगले एक सप्ताह में संभावित बारिश को देखते हुए सभी जिलों को पहले से तैयारी रखने को कहा।
स्कूल वाहनो की फिटनेस जांच सुनिश्चित हो
मुख्यमंत्री ने स्कूली वाहनों की फिटनेस की नियमित जांच कराने और ई-रिक्शा, टैक्सी तथा स्कूल वाहन चालकों का सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों और आम लोगों की सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
