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आगरा के थाना सिकंदरा के दहतोरा में पत्नी ने बेरहमी से पति की हत्या कर दी। इसके बाद उसकी लाश को बाथरूम में दफना दिया। इतना ही नहीं मिस्त्री को बुलाकर फर्श बनवा दिया। पुलिस के अनुसार रूबी ने पति की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की पूरी तैयारी की थी। जिस बाथरूम में पति को गाढ़ दिया था। उसमें ही रोजाना नहाती भी थी।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि सुरेंद्र नींद की गोलियां खाता था। रूबी ने 18 मई को उसको खीर में मिलाकर नींद की 16 से 20 गोलियां दी थीं। उसकी माैत हो गई। वह उसे खींचकर बाथरूम में ले गई। बाथरूम में इंडियन सीट लगी थी। वह ऊपर थी। फर्श नीचे था। इस पर शव को फर्श को थोड़ा और खोदकर डाल दिया। बाद में मिट्टी और गिट्टी मंगवाई थीं। इससे शव को दफना दिया। इसके बाद उस पर पक्का फर्श कर दिया। वह पति की हत्या के बाद जितने दिन घर में रही, जिस बाथरूम में शव दफनाया, उसी में नहाती भी थी। पड़ोस के लोग जब भी पति के बारे में पूछते थे, परेशान होने का नाटक करती थी। पूछने पर रोने भी लगती थी।
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जांच करती पुलिस
– फोटो : अमर उजाला
जेठ को घर बुलाकर बोली, बाथरूम में दो फीट नीचे हैं पति
अनिल ने बताया कि भरतपुर में बैंक स्टेटमेंट से शक होने पर भाभी रूबी से बृहस्पतिवार सुबह बात की थी। उनसे कहा था कि पेंशन तो आपने ले ली है। मुझे क्यों नहीं दी। रकम का क्या कर रही हो। यह बता दो। मगर वो चुप हो गई। उसने कहा कि भाई के बारे में बता दो। रूबी ने फिर भी कुछ नहीं बताया। शुक्रवार सुबह 6 बजे फोन करके जेठ को बुलाया। कहा कि पति घर पर हैं। आकर बात कर लो। जब अनिल पहुंचे तो उसने बताया कि बाथरूम में हैं। इस पर अनिल ने वहां जाकर देखा। मगर कोई नजर नहीं आया। इस पर रूबी ने कहा कि दो फीट नीचे हैं। इस पर ही उन्होंने पुलिस को जानकारी दी।
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मौके पर जांच करती पुलिस
– फोटो : अमर उजाला
पड़ोसी बोले, पूरी तैयारी से ठिकाने लगाया शव, नहीं लगी भनक
रूबी के बारे में जानकर पड़ोसी भी हैरत में पड़ गए। उनका कहना था कि शराब की वजह से पति-पत्नी में अक्सर झगड़े होते थे। शराब की वजह से पति ने डिलीवरी बाय की नाैकरी छोड़ दी थी। रूबी ही घर में कपड़े सिलने का काम करती थी। उसे जो रुपये मिलते थे, उसे पति झगड़ा करके छीन लेता था। कई बार लोगों ने समझाने का प्रयास किया। मगर वो मानने को तैयार नहीं हुआ। किसी को यह अंदाजा नहीं था कि रूबी उसकी हत्या कर देगी। शव को जिस तरह से ठिकाने लगाया, उससे यही लग रहा है कि उसने कई दिन पहले तैयारी कर ली थी। इस बात की भनक भी किसी को नहीं लगी।
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घर में जुटी भीड़
– फोटो : अमर उजाला
24 साल पहले आगरा आया था परिवार
पुलिस के अनुसार, मूलरूप से भरतपुर के रंजीत नगर निवासी राधेश्याम शर्मा एक इंटर काॅलेज में प्रवक्ता पद पर कार्यरत थे। 24 साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद आगरा आ गए थे। सिकंदरा के दहतोरा स्थित रेणुका धाम काॅलोनी में रहने लगे। 14 साल पहले उनकी माैत हो गई थी। सुरेंद्र उनका छोटा बेटा था। बड़े बेटे अनिल ऑटो चालक हैं और वायु विहार, शाहगंज में रहते हैं। सुरेंद्र रेणुका धाम काॅलोनी में रहते थे। उनकी शादी 16 साल पहले रूबी से हुई थीं। दो बेटियां प्राची (15) और सिद्धि (9) हैं। सुरेंद्र की मां कमला भी साथ ही रहती थीं।
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घर में जुटी भीड़
– फोटो : अमर उजाला
पेंशन के पैसों के लिए हुआ झगड़ा
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि सुरेंद्र की मां को पति की पेंशन के 32 हजार रुपये मिलते थे। रूबी डेबिट कार्ड और पासबुक अपने पास रखती थी। पेंशन की रकम से वह जेठ अनिल को 10 हजार रुपये देती थी। जून में रूबी ने अनिल को पेंशन की रकम नहीं दी। कहा कि पेंशन नहीं आई है। अनिल बृहस्पतिवार को मां को भरतपुर लेकर गए। पेंशन के बारे में जानकारी की तो पता चला कि पेंशन खाते में भेजी जा चुकी है। अनिल ने घर पहुंचकर रूबी से शिकायत की तो दोनों में झगड़ा हुआ।