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नालों पर कहीं 12 से 15 फीट चौड़ी रैंप है तो कहीं कंक्रीट से पाटकर दुकान बना दी गई। कॉलोनियों में नालों को पाटकर पार्क बना दिया गया। अब नालों की सफाई इन अतिक्रमण को हटाए बिना की जा रही है, जबकि नाला सफाई की 36 में से 12 मशीनें खराब पड़ी हैं, इनमें 10 चेन मशीनें और दो जेसीबी हैं।
नगर निगम के अफसर कागजों पर नालों की तलीझाड़ सफाई की रिपोर्ट दे रहे हैं, जबकि एक किमी. लंबे नाले में अतिक्रमण के कारण महज 400 मीटर से ही सिल्ट निकाली जा रही है। बाकी हिस्से में वर्षों से अतिक्रमण के कारण सफाई न होने से सिल्ट ठोस हो चुकी है। सफाई के नाम पर सिर्फ बजट साफ हो रहा है।
आगरा के 401 नालों की तलीझाड़ सफाई कराने का काम 15 जून तक पूरा होना है। नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने नालों की तलीझाड़ सफाई के दावे किए हैं, लेकिन एक अप्रैल से शुरू हुई नालों की सफाई के बाद भी ये सिल्ट से भरे पड़े हैं और एक इंच भी पानी और सिल्ट इनमें कम नहीं हो पाई। नाला काजीपाड़ा, अलबतिया रोड नाला, अवधपुरी, पश्चिमपुरी से कारगिल पेट्रोल पंप, हेमा पेट्रोल पंप से पश्चिमपुरी, बोदला-सिकंदरा रोड, मारुति एस्टेट, उखर्रा रोड, शमशाबाद रोड, आवास विकास कॉलोनी में नालों की सफाई का दावा किया गया है, लेकिन यहां अतिक्रमण के कारण सफाई हुई ही नहीं है। दहतोरा क्षेत्र में हेमा पेट्रोल पंप तिराहे से पश्चिमपुरी रोड के दोनों ओर 1.50 किमी दूरी तक के नालों में घास और कचरा भरा हुआ है।
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सड़क पर पड़ी सिल्ट
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दिल्ली गेट से आगे नाले की सफाई नहीं
लोहामंडी के पार्षद शरद चौहान ने बताया कि मदिया कटरा से हरीपर्वत के बीच नाले के ऊपर भवन बने हुए हैं। इनमें जबरदस्त अतिक्रमण और अवैध निर्माण है, जिसे हटाए बिना नाले की सफाई नहीं हो पाएगी। इसके साफ न होने से मदिया कटरा से कैलाशपुरी के बीच जलभराव होता है। नगर निगम ने यहां सर्वे में 38 अवैध निर्माण पाए हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं कर पाया। नाले की सफाई न होने से कैलाशपुरी रोड पर एक से दो फीट तक पानी भर जाता है।
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मिठाई की दुकान वालों के ढक दिए नाले
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
आवास विकास में नाले पर दुकानें और पार्क
आवास विकास कॉलोनी में एंथम के पास टंकी रोड पर कारगिल पेट्रोल पंप तक नाले के ऊपर मिठाई की दुकानें हैं। कई जगह पार्क बने हैं। हरियाली को लोहे की बैरिकेडिंग से घेरने के बाद यहां मशीन से सफाई नहीं हो पा रही है, जबकि कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों ने अपने जेनरेटर नाले को आरसीसी से ढककर उसके ऊपर ही रख दिए हैं। नाले की सफाई के लिए भेजी गई मशीनें इन दोनों जगहों पर रुक गईं और सफाई के बिना ही आगे चली गईं। इससे नाले का पानीदुकान के नीचे सफाई न होने से आगे नहीं जा पा रहा है।
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नाले
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बनाई जा रही योजना
नगर स्वास्थ्य अधिकारी संजीव वर्मा ने बताया कि नालों पर अवैध निर्माण की शिकायतें हैं। इसी की योजना बना रहे हैं। जो मशीनें खराब हैं, उन्हें ठीक कराने को कहा है। लोगों के अतिक्रमण पर प्रवर्तन दल से कार्रवाई कराकर हटवाएंगे।
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जेसीबी मशीन
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ये बोले पार्षद
पार्षद बंटी माहौर ने बताया कि नालों की सफाई पूरी तरह से कागजी है। फर्जी रिपोर्ट लगाकर केवल डीजल का बंदरबांट किया जा रहा है। नगर आयुक्त जांच करेंगे तो सच्चाई दिख जाएगी।
पार्षद रवि माथुर ने बताया कि मंटोला, काजीपाड़ा, भैंरो नाला पर अतिक्रमण हटाए बिना ही सफाई की जा रही है। अधिकारी फर्जी आंकड़े पेश कर रहे हैं। बारिश में पोल खुल ही जाएगी।