झांसी में कफन में लिपटे बेटे के शव को अपने साथ ले जाने की आस में एक बुजुर्ग मां करीब 22 घंटे तक मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी यानी चीरघर के बाहर बैठी रही।
आंखों में आंसू, चेहरे पर बेबसी और दिल में बेटे को अंतिम विदाई देने की पीड़ा लिए वह कभी दरवाजे की ओर देखती तो कभी पुलिस के आने की राह। लेकिन, चिरगांव थाने से पंचनामा भरने के लिए समय पर दरोगा नहीं पहुंचा और पोस्टमार्टम टलता रहा। रविवार दोपहर पुलिस पहुंची, तब कहीं जाकर शव का पोस्टमार्टम हो सका।
चिरगांव थाना क्षेत्र के दबरा बुजुर्ग गांव निवासी 22 वर्षीय रोहित प्रजापति पुत्र प्रकाश ने शनिवार सुबह जहरीला पदार्थ निगल लिया था। परिजनों के मुताबिक पत्नी शिवानी के मायके चले जाने के बाद वह मानसिक तनाव में था। हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां शनिवार दोपहर करीब ढाई बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
