आगरा के कमला नगर के एक फ्लैट में बंगाल की किशोरी कैद है। वह अपने घर जाना चाहती है, उसे मुक्त करा दो। हेल्पलाइन नंबर 112 पर आए इस फोन ने पुलिस को बेचैन कर दिया। आनन-फानन में टीम फ्लैट पर भेजी गई। तब पता चला कि किशोरी को कैद नहीं किया गया है। वह पहले अपनी मर्जी से आई थी, अब वापस जाना चाहती है।


पश्चिम बंगाल से एक 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी को काम के लिए आगरा भेजा गया था। वह कमला नगर स्थित गाैरी टाउन के फ्लैट नंबर 402 में प्लेसमेंट एजेंसी संचालक रंजीत कुमार के घर रह रही थी। यहां मन नहीं लगने पर वह वापस जाना चाहती थी। उसने अपनी मां से वापस बुलाने को कहा लेकिन फोन पर मां ने इतनी जल्दी आने से इन्कार कर दिया। वह वहीं रहने के लिए कहा, इससे किशोरी डर गई। उसे लगा कि उसे कैद कर लिया गया है। इस पर उसने पड़ोसी से मदद मांगी।

पड़ोसी ने ही 112 पर पुलिस को कॉल किया। पुलिस ने फ्लैट मालिक, किशोरी और उसके परिजन से बात की। परिजन ने बताया कि उन्होंने किशोरी को अपनी मर्जी से काम के लिए भेजा था। रंजीत कुमार मूलरूप से पश्चिम बंगाल के निवासी हैं और प्लेसमेंट एजेंसी चलाते हैं। वह घरों में काम करने वाली महिलाएं उपलब्ध कराते हैं। किशोरी को 6 दिन पहले नौकरी के लिए भेजा गया था। एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा ने बताया कि रंजीत ने पुलिस को आश्वासन दिया कि वह जल्द ही किशोरी को उसके घर छोड़कर आएंगे। अपहरण या कैद करने की पुष्टि नहीं हुई है। किशोरी अपनी और परिवार की मर्जी से आई थी। हालांकि अब वह वापस जाना चाहती है।

 



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