ललितपुर। शवों का पोस्टमार्टम करने के लिए जिले में 24 घंटे की व्यवस्था होने का स्वास्थ्य विभाग दावा करता है। इसके बावजूद शनिवार शाम फंदे पर लटके मिले युवक के शव का पोस्टमार्टम 20 घंटे से अधिक समय बाद रविवार दोपहर को हो सका। पोस्टमार्टम हाउस में परिजन काफी देर तक चिकित्सक का इंतजार करते रहे। इससे उनमें आक्रोश रहा और उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
शहर के मोहल्ला जेल चौराहा निवासी नगर पालिका कर्मचारी 26 वर्षीय प्रशांत कुमार शनिवार शाम करीब पांच बजे घर के अंदर फंदे पर लटके मिले थे। परिजन उन्हें फंदे से नीचे उतारकर मेडिकल कॉलेज ले गए थे। वहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मोरचरी में रखवा दिया गया था। रविवार दोपहर कोतवाली पुलिस ने पंचनामा भरने की प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद शव पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। यहां दोपहर करीब दो बजे तक परिजन चिकित्सक का इंतजार करते रहे, लेकिन चिकित्सक नहीं पहुंचे। करीब सवा दो बजे चिकित्सक पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। इसके बाद करीब पौने तीन बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई।
20 घंटे से अधिक रखा रहा शव
शनिवार शाम करीब पांच बजे युवक का शव मिलने के बाद उसे मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखवा दिया गया था। रविवार दोपहर करीब पौने तीन बजे पोस्टमार्टम शुरू हुआ। इस तरह शव मिलने के करीब 21 घंटे बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू हो सकी। पोस्टमार्टम में देरी को लेकर परिजनों में नाराजगी रही।
