हैलट अस्पताल परिसर में बने बाल रोग चिकित्सालय में जल्द ही आधुनिक मिल्क बैंक की स्थापना की जाएगी। सीएसआर फंड से 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हो गई है। इससे उन नवजात शिशुओं को जीवनदान मिलेगा, जो जन्म के तुरंत बाद किसी कारणवश मां के दूध से वंचित रह जाते हैं।




जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बाल रोग चिकित्सालय में समय से पहले और कम वजन वाले कई बच्चे भर्ती होते हैं। कई बार माताओं के गंभीर रूप से बीमार होने। दूध न बनने या किसी अप्रिय घटना के कारण शिशुओं को मां का दूध नहीं मिल पाता। यह मिल्क बैंक नवजात बच्चों के लिए वरदान से कम नहीं है। मां का दूध मिलने से नवजात शिशुओं में संक्रमण का खतरा घटेगा और मृत्यु दर में भी कमी आएगी। केंद्र में धात्री (स्तनपान कराने वाली) माताएं स्वेच्छा से अपना दूध दान कर सकेंगी।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *