बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ब्राह्मण समाज से क्षमा याचना कर पश्चाताप करें। बसपा सुप्रीमो ने शुक्रवार को जारी अपने बयान में कहा कि सपा के एक प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा हाल ही में ब्राह्मण समाज को लेकर की गई अभद्र, अशोभनीय एवं आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने इसकी निंदा करते हुए कहा कि संकीर्ण जातिवादी राजनीति करने वाली सपा के नेतृत्व की इस मामले को लेकर खामोशी से भी यह अधिक गंभीर होकर तूल पकड़ता जा रहा है, जिससे स्थिति तनावपूर्ण होती जा रही है।
बसपा सुप्रीमो ने आगे कहा कि पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करने के बाद भी यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सपा प्रवक्ता के गैर-जिम्मेदाराना बयान से ब्राह्मण समाज के आदर-सम्मान व स्वाभिमान को जो ठेस पहुंची है, उसको गंभीरता से लेते हुए सपा मुखिया को इसका तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। इस प्रकरण से यह भी साबित हो चुका है कि सपा दलितों, अति-पिछड़ों व मुस्लिम समाज आदि की तरह ब्राह्मण समाज की विरोधी भी है।
इनका जातिवादी चाल व चरित्र बदला नहीं है, बल्कि और गहरा हुआ है। ब्राह्मण समाज के प्रति वर्तमान सरकार के रवैये को लेकर भी जो नाराजगी इस समाज में देखने को मिल रही है वह भी किसी से छिपी नहीं है।
यह सर्वविदित है कि बसपा द्वारा सर्वसमाज की तरह ब्राह्मण समाज को भी पार्टी व सरकार में भी भरपूर आदर-सम्मान देने के साथ-साथ हर स्तर पर उन्हें उचित भागीदारी भी दी गयी है। बसपा में ब्राह्मण समाज आदि ‘यूज एंड थ्रो’ नहीं है, बल्कि सर्वसमाज का हित हमेशा सुरक्षित रहा है।
