यमुना नदी में नालों से गिरने वाले सीवर को रोकने की मांग करते हुए पर्यावरणविदों ने अनूठा प्रदर्शन किया। भाजपा पार्षद किशन नायक के नाले में उतरकर केक काटने की तर्ज पर पर्यावरणविदों ने भैंरो नाले में उतरकर टैप करने के लिए प्रदर्शन किया।

वह अपने साथ सीमेंट, बजरी, तसले और कन्नी लेकर पहुंचे थे। प्रतीकात्मक रूप से नाले की टैपिंग की। एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट यमुना में सीवर गिरने के मामले में उनकी याचिका पर 58 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा चुका है।

पर्यावरणविद और याचिकाकर्ता डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ के साथ डॉ. मीता माथुर, डॉ. राहुल राज, ईरम, अतुल श्रीवास्तव, योगेश आदि ने भैंरो नाले में सीवेज पंपिंग स्टेशन के पास पहुंचकर प्रदर्शन किया।

डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ ने बताया कि उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी 58 करोड़ रुपये का जुर्माना नगर निगम पर लगा चुका है लेकिन निगम ने नालों की टैपिंग नहीं की। यमुना में सीवर पहुंच रहा है। कोर्ट के आदेशों को अफसरों ने रद्दी की टोकरी में फेंक दिया है।

यमुना में 60 नालों से सीवर पहुंच रहा है। इसे रोका जाए। डॉ. राहुल राज ने कहा कि नालों को टैपिंग करने के लिए जनता ही आगे आएगी। जनप्रतिनिधियों ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई है।



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