कानपुर के कैंट थाना क्षेत्र के गोलाघाट में रहने वाले मोनू जायसवाल (34) की हत्या कर शव को शुक्लागंज में फेंकने के मामले में पुलिस ने शनिवार को मृतक के हत्यारोपी दो सहकर्मियों को गोरा कब्रिस्तान के पास से गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मोनू को पीटकर सबक सिखाना चाहते थे। पिटाई के दौरान हुई गलती से वह मर गया।
कैंट के गोलाघाट निवासी मोनू जायसवाल (34) बीते रविवार की देर शाम को घर से निकला था। सोमवार को शव उन्नाव के शुक्लागंज में मिला था। मोनू का चेहरा पहचान छिपाने के लिए तेजाब से जलाया गया था।
मंगलवार को परिजन ने गोलाघाट चौराहे पर उसका शव रखकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि पकड़ा गया मुख्य आरोपी मूल निवासी कोलकाता हाल पता शुक्लागंज, मिश्रा कालोनी निवासी पॉपेन पॉल व उसका साथी शुक्लागंज के चंपापुरवा राजीवनगर निवासी अतीत वर्मा उर्फ कार्तिक बृजवासी है।
