एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2025 में ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सरगना राजू कुमार मांझी और उसके सहयोगी छोटे लाल यादव को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से 21 प्रवेश पत्रों की छायाप्रति, दो मोबाइल फोन, तीन चेक की प्रतियां, तीन आधार कार्ड, चार अंकपत्रों की प्रतियां और 13 संदिग्ध व्हाट्सएप चैट मिले हैं।
एसटीएफ के सीओ शैलेश प्रताप सिंह के अनुसार, कुछ लोग अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने का लालच दे रहे थे। जांच के बाद टीम ने जौनपुर के मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के बड़ागांव से इन्हें पकड़ा। राजू कुमार मांझी ने बताया कि वह साथियों के साथ मिलकर पुलिस भर्ती समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने का झांसा देता था। गिरोह के सदस्य अभ्यर्थियों से प्रवेश पत्र और अन्य दस्तावेज लेते थे। वे बदले में मोटी रकम वसूलते थे। वसूली गई रकम को आपस में बांट लिया जाता था।
सोशल मीडिया के जरिये फंसाता था
राजू कुमार मांझी का आपराधिक इतिहास रहा है। उसे वर्ष 2022 में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जेल से छूटने के बाद उसने फिर ठगी शुरू कर दी। आरोपी एक अभ्यर्थी से 10 से 15 लाख रुपये तक वसूलते थे। वे कोचिंग सेंटरों के आसपास और सोशल मीडिया के जरिये अभ्यर्थियों से संपर्क करते थे।