पिनाहट के गांव विप्रावली के बीहड़ में स्थित चौमुखा मंदिर रोहाई आश्रम में पुजारी पातीराम की हत्या कर दी गई। सिर पर सब्बल और पेचकस से प्रहार किया गया। रविवार को दोपहर में बहू और पाैत्री के पहुंचने पर घटना की जानकारी हुई। पिनाहट पुलिस ने चारपाई पर पेचकस लगाकर दबाया गया एक पन्ना बरामद किया है। इसमें 6-7 लोगों के नाम, मोबाइल नंबर लिखे हैं। एक करीबी कुटिया में रहने वाले पुजारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

कस्बा पिनाहट निवासी पातीराम कुशवाहा (68) चौमुखा माता मंदिर में पुजारी थे। परिसर में ही बने एक कमरे में रहते थे। मंदिर के बगल के खेत में खेती भी करते थे। जो कमाई होती थी उसे मंदिर के सेवा कार्य में लगा देते थे। पत्नी और पांच बच्चे कस्बा में रहते हैं। दोपहर तकरीबन 2 बजे पातीराम की बहू पूनम, शशि और पाैत्री नंदनी मंदिर में पहुंचे। वह पातीराम के कमरे में गए। वह चारपाई पर सोने वाली स्थिति में थे।

पातीराम के चेहरे पर टोपा रखा था। साथ ही कंबल भी डाल दिया गया था। जैसे ही पाैत्री ने उनके चेहरे से टोपा हटाया, उसकी चीख निकल गई। चेहरा खून से लथपथ था। बहुओं ने शोर मचाया तो लोग एकत्रित हो गए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। एसीपी पिनाहट गिरीश कुमार और डीसीपी पूर्वी जोन अभिषेक अग्रवाल पहुंच गए।

पुलिस ने मौके पर डॉग स्क्वायड एवं फॉरेंसिक टीम को बुलाया। कमरे में जिस चारपाई पर शव पड़ा मिला, उसके एक पाये पर पेचकस के साथ एक पन्ना लगा था। उस पन्ने पर लोगों के नाम लिखे हुए थे। उनके नाम के आगे रुपये और मोबाइल नंबर भी लिखे थे। पुलिस को आशंका है कि पातीराम का किसी से हिसाब-किताब पर झगड़ा हुआ होगा। उसी झगड़े में हत्या की गई है। इसके साथ ही कमरे से 30 मीटर दूर सब्बल पड़ा मिला। उस पर खून लगा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

पत्नी ने परिचित पर जताया शक

घटना की जानकारी पर अन्य परिजन आ गए। पुजारी की पत्नी मल्ला देवी ने किसी परिचित पर हत्या का शक जताया है। बताया कि पति शुक्रवार दोपहर को घर आए थे। कुछ देर रुकने के बाद वापस मंदिर चले आए थे। तब से कोई बातचीत नहीं हुई थी। उनके दो पुत्र उमेश और राजकुमार, तीन पुत्री रेखा, चंद्रकला, गोलो हैं। सभी विवाहित हैं।

खुलासे में लगी दो टीमें

डीसीपी पूर्वी जोन अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि दो टीमें पड़ताल में लगी हैं। घटनास्थल पर मिले पेचकस और सब्बल से ही हत्या की आशंका है। पातीराम के चेहरे और सिर पर प्रहार किया गया। हत्या के पीछे किसी परिचित से झगड़े की बात हो सकती है। पातीराम की शनिवार को किसी परिजन से बात नहीं हुई थी। मंदिर भी कोई नहीं आया था। जबकि पुलिस पहुंची तो शव से दुर्गंध आ रही थी।

 



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