शादियों के सीजन (सहालग) के बीच सोने-चांदी की कीमतों में आए उछाल ने बाजार की रौनक छीन ली। बुधवार को गंज बाजार व मंडी चौक स्थित सराफा बाजार में गिने-चुने ग्राहक सोने व चांदी की खरीदारी करते दिखाई दिए। दो दिनों में सोने की कीमतों में सात हजार रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी के दाम में 20 हजार रुपये प्रतिकिलो की भारी बढ़ोतरी हुई है।
सराफा कारोबारियों का कहना है कि एकाएक सोने व चांदी पर बढ़ाई गई इंपोर्ट ड्यूटी से गहनों की बिक्री पर असर देखने को मिला है। उनका कहना है कि लोग हल्के गहनों (लाइट वेट ज्वैलरी) खरीदना पसंद कर रहे थे। अब मौजूदा कीमतों पर हल्के गहने बनवाना भी काफी मुश्किल हो जाएगा।
केंद्र सरकार ने सोने व चांदी पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। ड्यूटी बढ़ने से विदेशों में सोना व चांदी महंगा हो गया। इसका सीधा बोझ अब ग्राहकों पर पड़ेगा। गंज बाजार स्थित सराफा कारोबारियों के दुकानों पर सहालग में पैर रखने की जगह नहीं होती थी लेकिन अब वहां केवल दुकानदार और काम करने वाले कर्मचारी नजर आए।
सराफा कारोबारियों का कहना है कि सोने व चांदी की कीमतों में इतनी बड़ी वृद्धि की उम्मीद नहीं थी। शादियों में गहने खरीदने के लिए लोग पहले से बजट तय कर रखते हैं। लेकिन दो दिनों के अंदर में सोने व चांदी के दाम बढ़ने से अब गहने खरीदना काफी मुश्किल हो जाएगा।
सराफा कारोबारी बताते हैं कि पहले से ही सोने व चांदी के दाम बढ़े हुए हैं। इसकी वजह से हल्के गहने बनाए जा रहे थे लेकिन अब सोने व चांदी कीमतें और बढ़ गई हैं। इससे ग्राहकों के लिए हल्के गहने बनाना काफी मुश्किल हो जाएगा। उनका कहना है कि अगर सोने व चांदी की कीमतें जल्द ही स्थिर नहीं हुई तो इस सीजन में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
