गाजियाबाद से मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, रोजा, सीतापुर के बीच 403 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेल लाइन को मंजूरी देने के साथ ही रेलवे ने रोजा-लखनऊ के बीच 158 किलोमीटर के रेलखंड में फोर लाइन प्रोजेक्ट पर काम तेज कर दिया है। गाजियाबाद-लखनऊ के बीच फोर लाइन प्रोजेक्ट के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे का काम गति शक्ति योजना के तहत पिछले साल ही पूरा हो चुका है।


इन ट्रेनों के लिए आरक्षित होगा कॉरिडोर 

केंद्र सरकार ने इसी वर्ष बजट में सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इनमें दिल्ली-वाराणसी के बीच 790 किलोमीटर का हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बरेली होकर प्रस्तावित है। हाईस्पीड रेल कॉरिडोर पर गाड़ियां 300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकेंगी। यह कॉरिडोर फास्ट, सुपर फास्ट और तेजस, वंदे भारत, राजधानी, दुरंतो, अमृत भारत जैसी गाड़ियों के लिए आरक्षित होगा। तीसरी व चौथी रेल लाइन के बाद पूर्वांचल समेत पूर्वोत्तर के राज्यों तक बेहतर कनेक्टविटी हो जाएगी। मुख्य रेल लाइन पर दबाव कम होगा। इससे ज्यादा संख्या में मालगाड़ियों का संचालन हो सकेगा।

इससे अतिरिक्त माल ढुलाई का रास्ता साफ होगा। कोयला खाद्यान्न, रासायनिक खाद और तैयार इस्पात आदि की दुलाई के लिए सड़क संसाधनों पर निर्भरता घटेगी। सड़क परिवहन वर्ष आने वाली अरबों रुपये की लॉजिस्टिक्स लागत की बचत से देश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। 



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