फर्नीचर आपूर्ति करने वाली फर्म से सवा दो करोड़ की रिश्वत मांगने और 30 लाख रुपये एडवांस मांगने के मामले में फंसे बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अतुल कुमार तिवारी को शासन ने निलंबित कर दिया है। उनको मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक, लखनऊ मंडल से संबद्ध करते हुए उनके खिलाफ जांच बैठा दी है।
बेसिक शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव वेद प्रकाश राय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आयुक्त देवीपाटन मंडल व डीएम गोंडा द्वारा उपलब्ध कराई गई संस्तुति में टेंडर दाताओं से 10 लाख रुपये की वसूली कर वेंडर द्वारा बनाई गई स्पेशल कैटलॉग पर बिड प्रकाशित की गई है।
यह तकनीकी स्पेशिफिकेशन मॉक बिड से बिल्कुल अलग मिलने, राज्य परियोजना निदेशक द्वारा निर्धारित एसओपी के विपरीत सामग्री खरीदने, जेम के शासनादेशों का पालन न करने, शासनादेश के विपरीत गलत पत्रावली प्रस्तुत करने, विभागीय कार्यों में लापरवाही व शिथिलता पर प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर बीएसए गोंडा अतुल कुमार तिवारी को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक, लखनऊ मंडल को जांच अधिकारी नामित किया गया है।
बता दें कि जिले में क्लासरूम डेस्क व सीट के टेंडर मामले में बीएसए की शिकायत टेंडर दाताओं ने की थी। इसकी सीडीओ ने जांच की तो शिकायत सही मिली थी। हालांकि बीएसए ने अपना बचाव करते हुए संबंधित फर्म पर मुकदमा लिखवाया। वहीं बीएसए की भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट में शिकायत हुई। कोर्ट ने इस पर केस दर्ज करने का आदेश दिया था। शासन ने इसका संज्ञान लेते हुए बीएसए को निलंबित कर दिया है।
