दुबई में बैठे संदिग्ध आतंकियों आकिब और आजाद के पासपोर्ट निरस्त करवा दिए गए हैं। जांच एजेंसी उन पर और शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ताकि, वह जांच एजेंसी की गिरफ्त में आ सके। इसके लिए गृह मंत्रालय की मदद से प्रक्रिया जारी है। उधर, मॉड्यूल से जुड़े अन्य संदिग्धों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सुबूत जुटाए जा रहे हैं। जल्द जांच एजेंसी कई और संदिग्धों की गिरफ्तारी कर सकती है।
एटीएस ने जिस आतंकी मॉड्यूल का खुलासा किया था, उससे जुड़े तीन आरोपी विदेश में थे। इसमें से साउथ अफ्रीका में रह रहे मैजुल की शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तारी हो चुकी है। जैसे ही वह भारत लौटा था, वैसे ही पुलिस ने उसको धर लिया था। अब बिजनौर निवासी आकिब और आजाद की गिरफ्तारी बाकी है। ये दोनों दुबई में हैं। दोनों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी हो चुका है। दोनों के पासपोर्ट भी निरस्त करवा दिए गए हैं।
कई और सोशल मीडिया अकाउंट मिले
मॉड्यूल पाकिस्तानी हैंडलर्स से सोशल मीडिया के जरिये जुड़े हुए थे। कई और ऐसे अकाउंट की जानकारी सामने आई है। जिसमें किंग डेविल 315 व रॉयल सॉकिब है। इसमें भी रेकी संबंधी चैट, ऑडियो और गूगल मैप संबंधी जानकारी साझा की गई थी। एटीएस ने मेटा से इससे संबंधी तमाम अहम जानकारी मांगी है। जिससे अकाउंट ऑपरेट करने वालों की असल पहचान, मोबाइल नंबर आदि मिल सके।
रिश्तेदारों व कई करीबियों से पूछताछ
आकिब व आजाद के कई रिश्तेदारों व करीबियों से एटीएस ने पूछताछ की है। उनसे तमाम अहम जानकारियां मिली हैं। आकिब करीब चार साल से सोशल मीडिया पर सक्रिय था और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल था। इसकी तस्दीक जांच एजेंसी ने कर ली है। वहीं जिनके बैंक खातों में रकम आई है, उनसे भी पूछताछ की गई है। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी हैंडलर्स अब तक डेढ़ से दो लाख रुपये भेजे थे।
