वृंदावन में मंगलवार शाम छह बजे से जैसे ही मोबाइल फोन पर आंधी-बारिश का अलर्ट मैसेज आया तो मनीष गोस्वामी के घर बैठे अलीगढ़ के लक्ष्मीनारायण और उनके परिजन मौसम की बात ही कर रहे थे। तभी तेज आंधी शुरू हो गई और वह बाहर उठकर देखने चले गए। अचानक तेज आवाज आई और चीखपुकार मच गई। परिजन ने बाहर आकर देखा तो वह सड़क पर बेहोश पड़े हुए थे।

सिर से खून बह रहा था। परिजन उन्हें देखते ही रोने चिल्लाने लगे। मनीष गोस्वामी और उनके परिजन उन्हें हाथों में उठाकर लेकर दौड़ने लगे। तब तक एंबुलेंस आ चुकी थी, जिसकी सहायता से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। अलीगढ़ के कावेरी विहार के रहने वाले लक्ष्मीनारायण अपना जन्मदिन मनाने के लिए बांकेबिहारी मंदिर में अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ आए थे। मनीष गोस्वामी ने बताया कि वह दर्शन कर उनके घर पर बैठे थे लेकिन हाेनी उन्हें बाहर तक खींच ले गई। किसी को ऐसी उम्मीद भी नहीं थी कि ऐसा हादसा हो सकता है।

पिता संग बेटा भी हुआ घायल, चिपककर रोने लगा

आगरा के रुनकता निवासी विजय और पांच वर्ष का रुद्रांश भी हादसे में घायल हो गए। रुद्रांश के सिर में चोट आई। चोट लगने के बाद पिता ने अपनी चोट न देखकर बच्चे को उठाया और अपनी जेब से रुमाल निकालकर उसके सिर पर लगा दिया। बेटा दर्द के मारे रो रहा था और पिता की आंखों से आंसू निकल रहे थे। उनके साथ आए लोगाें ने दोनों को संभाला। हादसे के बाद बेटा पिता से चिपक गया। अस्पताल पहुंचने पर वह पिता के साथ व्हीलचेयर पर बैठा रहा। पिता ने अधिकारियों और चिकित्सकों से कहा कि मेरे बेेटे को कुछ नहीं होना चाहिए। आप पहले उसका इलाज कीजिए। प्राथमिक उपचार के परिजन दोनों को आगरा ले गए ।

 




Balcony Collapses Near Banke Bihari Temple in Vrindavan nine Devotees Injured

वृंदावन हादसा
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


आठ लोगों के साथ आईं चंचल और उसकी मां

राजस्थान के सवाई माधोपुर से चंचल प्रजापति और उसकी मां जानकी देवी आठ लोगों के साथ दर्शन करने को आईं थी। वृंदावन की परिक्रमा लगाने के बाद वह ठाकुरजी के दर्शन के लिए पहुंचे थे। हादसे में मां-बेटी घायल हो गए हैं। परिजन ने बताया कि दोनों की हालत खतरे से बाहर है।

 


Balcony Collapses Near Banke Bihari Temple in Vrindavan nine Devotees Injured

वृंदावन हादसा
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


संकरी गलियां और पुराने भवन बने चुनौती

वृंदावन की संकरी गलियां, वर्षों पुराने भवन और प्रतिदिन उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ प्रशासन के लिए लगातार चुनौती बनी हुई है। विशेषकर त्योहार, सप्ताहांत और अवकाश के दिनों में मंदिर क्षेत्र में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी जर्जर भवन का हिस्सा टूटना बड़ी जनहानि का कारण बन सकता है। बरसात का मौसम नजदीक होने से भवनों की मजबूती और सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।

 


Balcony Collapses Near Banke Bihari Temple in Vrindavan nine Devotees Injured

वृंदावन हादसा
– फोटो : AI


जोखिम में जान 

वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के आसपास की गलियों में हर दिन हजारों श्रद्धालु जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं। मंदिर क्षेत्र में कई भवन ऐसे हैं, जिनके छज्जे, दीवारें और बालकनी जर्जर हालत में हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग केवल नोटिस जारी कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान रहे हैं। नतीजा यह है कि हादसे दर हादसे होने के बाद भी हालात नहीं बदल रहे हैं।

 


Balcony Collapses Near Banke Bihari Temple in Vrindavan nine Devotees Injured

वृंदावन हादसा
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


मंगलवार को गली नंबर-5 में जर्जर छज्जा गिरने से श्रद्धालुओं के घायल होने की घटना ने एक बार फिर प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी है। इससे पहले अगस्त 2023 में भी मंदिर क्षेत्र में छज्जा गिरने से पांच श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है। उस हादसे के बाद जर्जर भवनों की पहचान और कार्रवाई के बड़े-बड़े दावे किए गए थे लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

 




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