उत्तर प्रदेश दूध उत्पादन के मामले में देश में नंबर एक है, जबकि पीने के मामले में आठवें स्थान पर। इसमें महिलाओं की स्थिति बेहद खराब है। इसका सीधा असर पोषण पर पड़ता है। अब पशुपालन एवं दुग्धशाला विभाग दूध उत्पादन प्रति व्यक्ति 500 ग्राम से अधिक करने की तैयारी में हैं। आशा और एएनएम गांवों में महिलाओं को दूध पीने का फायदा बताएंगी। ताकि कुपोषण को खत्म किया जा सके।


दूध को संपूर्ण और पौष्टिक आहार माना गया है। दूनियाभर में दूध उत्पादन के मामले में भारत का योगदान करीब 24 फीसदी है। वर्ष 2024-25 में देश में कुल दूध उत्पादन लगभग 247.87 मिलियन टन रहा। देश में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता 485 ग्राम प्रतिदिन है। 

लक्ष्य को पाने का संकल्प लिया गया

उत्पादन में 15.66 फीसदी हिस्सेदारी के साथ उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है, लेकिन दूध पीने के मामले में आठवें स्थान पर है। यहां प्रति व्यक्ति प्रति दिन दूध उपलब्धता 460 ग्राम है। ऐसे में पशुपालन एवं दुग्धशाला विकास विभाग इस वर्ष प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता बढ़ाकर 500 से 600 ग्राम तक ले जाने की तैयारी में है। शुक्रवार और शनिवार को विभाग की ओर से लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में इस लक्ष्य को पाने का संकल्प लिया गया है।



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