CM Yogi Adityanath meeting with officers on varius issues.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
– फोटो : amar ujala

विस्तार

तहसीलों की कार्यप्रणाली में बड़े सुधार की आवश्यकता है। हमें पारदर्शिता, समयबद्धता को लेकर ठोस प्रयास करना होगा। शिकायतों और समस्थाओं का निस्तारण एक समय सीमा के भीतर होना चाहिए। डिजिटाइजेशन को बढ़ावा दिया जाए। वरासत व उत्तराधिकार से जुड़े प्रकरणों को अनावश्यक लंबित न रखा जाए। आमजन की अपेक्षाओं का ध्यान रखते हुए तहसीलों की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत की जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये बातें मंगलवार को ये बातें अफसरों के साथ बैठक में कही। बैठक में उन्होंने शासन की योजनाओं की समीक्षा की।

उन्होंने निर्देश दिया कि स्वामित्व, घरौनी और वरासत जैसे कार्यक्रमों ने आमजनमानस को बड़ी सुविधा प्रदान करने में सफलता प्राप्त की है। अब तक 56.17 लाख से अधिक ग्रामीणों को घरौनी वितरित की जा चुकी है। मात्र 15  राजस्व गांवों में सर्वेक्षण का कार्य शेष है, इसे भी यथाशीघ्र पूरा कर लिया जाए। हमारा लक्ष्य हो कि इस वर्ष के अंत तक सभी पात्र ग्रामीणों को उनके घरों का मालिकाना हक देने वाला प्रमाण पत्र “घरौनी” मिल जाए।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों ने स्वास्थ्य सेवाओं की सहज-सुलभ उपलब्धता के लिए टेलीकन्सल्टेशन और हेल्थ एटीएम की सुविधाओं को बढ़ाया जाए। इससे बीमारी की दशा में रिमोट एरिया के लोगों को अच्छे डॉक्टरों का परामर्श मिल सकेगा।  हेल्थ एटीएम के लिए प्रशिक्षित मैनपॉवर तैनात किया जाए। टेलीकन्सल्टेशन सेवा को विस्तार देते हुए इसके बारे में लोगों को जागरूक किया जाए।

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प्रदेश में निवेश कर रहीं औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा इंसेंटिव प्रदान किया जा रहा है। ऐसे सभी प्रकरणों की गहन समीक्षा कर बिना बिलंब यथोचित समाधान किया जाए। औद्योगिक विकास विभाग द्वारा इसे शीर्ष प्राथमिकता देते हुए निस्तारित किया जाए।

अप्रैल माह में संचालित संचारी रोग अभियान का आम जन के बीच अच्छा संदेश गया है। लोगों में संक्रामक, संचारी रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ी है। हमें ऐसे ही प्रयास लगातार जारी रखने होंगे। गोरखपुर, बस्ती और देवीपाटन मंडल में इंसेफेलाइटिस, बरेली व आस-पास के मंडल में मलेरिया तथा बुंदेलखंड में चिकनगुनिया से बचाव के लिए सक्रियता और बढ़ाई जाए। इंसेफेलाइटिस से बचाव के लिए जैसा प्रयास इन क्षेत्रों में भी किया जाए। साफ-सफाई और शुद्ध पेयजल के सेवन के लिए लोगों को जागरूक करें। बाल रोग विशेषज्ञों   का भी सहयोग लें।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसी भी जनपद में अवैध टैक्सी स्टैंड, बस स्टैंड/रिक्शा स्टैंड संचालित नहीं होना चाहिए। ऐसे स्टैंड अवैध वसूली होने को बढ़ावा देते हैं। यह वसूली समाजविरोधी कार्यों में उपयोग होती है। जहां कहीं भी ऐसी गतिविधियां संचालित हो रही हों, उन्हें तत्काल बंद कराया जाए। टैक्सी स्टैंड के लिए ठेकेदार स्थान निर्धारित करें। शहरों में ई-रिक्शा के लिए रूट तय किया जाना जरूरी है।

सभी गो-आश्रय स्थलों में व्यवस्था सुचारु रखी जाए। हरा चारा-भूसा आदि के समुचित प्रबंध हों। गोवंश को गर्मी अथवा धूप से सुरक्षित रखने के प्रबंध किए जाएं। डेयरी सेक्टर में रोजगार सृजन का बड़ा पोटेंशियल है। इसे दृष्टिगत रखते हुए नवाचारों को प्रोत्साहित किया जाए। डेयरी सेक्टर से अधिकाधिक युवाओं को जोड़ने का प्रयास किया जाना चाहिए।

गांवों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास में आमजन को सहभागी बनाने के लिए “मातृभूमि योजना” प्रारंभ की जा रही है। इसकी औपचारिक शुरुआत शीघ्र ही की जाएगी। बड़ी संख्या में लोगों ने इस योजना से जुड़कर अपने गांव में अपने पूर्वजों के नाम पर भवन, सड़क, कम्युनिटी सेंटर, आदि बनवाने की इच्छा जताई है। इस योजना से अधिकाधिक लोगों को जोड़ने के लिए प्रयास किया जाना चाहिए। नगरीय क्षेत्र के लिए भी ऐसी योजना का प्रस्ताव तैयार किया जाए।



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