जेल से छूटने के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां किस रास्ते पर जाएंगे? इसको लेकर राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन न तो सपा किसी संशय में है और न ही आजम खां के समर्थक। लंबे समय जेल में रहने के बाद आजम खां मंगलवार को जेल से छूटेंगे। आजम खां सपा की मुलायम सिंह यादव और अखिलेश सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं। वे सपा के संस्थापक सदस्य हैं और सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के करीबी नेताओं में उन्हें गिना जाता था।

आजम खां चाहते थे कि बीते लोकसभा चुनाव में रामपुर से अखिलेश यादव खुद चुनाव लड़ें, पर सपा ने मोहिब्बुल्लाह नदवी को वहां से टिकट दिया। तब खबरें चलीं कि सपा नेतृत्व के इस फैसले से आजम खां नाराज हैं। फिलहाल, कुछ लोग आजम खां के बसपा में जाने की चर्चा कर रहे हैं। इस संबंध में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से पूछा गया तो उन्होंने व्यंगात्मक लहजे में जवाब दिया। इसका मतलब साफ था कि अखिलेश इस बात को लेकर मुतमईन हैं कि आजम कहीं नहीं जाने वाले हैं। इस तरह की चर्चाएं सिर्फ राजनीतिक गपशप हैं।

आजम खां के नजदीकी माने जाने वाले रामपुर के वीरेंद्र गोयल कहते हैं कि आजम खां के बसपा में जाने का तो सवाल ही नहीं उठता। आजम खां सपा के संस्थापक सदस्य हैं और वे पार्टी छोड़ने का कोई फैसला नहीं लेंगे। वहीं, आजम खां के कुछ समर्थक संकेत दे रहे हैं कि सपा में उन्हें अपेक्षित महत्व नहीं मिला तो वे अपना अलग दल भी बना सकते हैं।



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