कानपुर जिले में फर्जी शस्त्र लाइसेंस जारी होने का फर्जीवाड़ा खुलने के बाद से अपराधियों और संदिग्ध लोगों के हथियारों पर शिकंजा कसने के लिए शुरू किया गया शस्त्र सत्यापन अभियान छह साल बाद भी अधूरा है। जिले में 1478 लाइसेंसी असलहे ऐसे हैं, जिनका यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (यूआईएन) अब तक पोर्टल पर दर्ज नहीं हो सका है।
यानि इनकी कोई पहचान नहीं हो पा रही है। ऐसे हथियारों का रिकॉर्ड अपडेट न कराने वाले लाइसेंसधारियों के शस्त्र लाइसेंस रद्द करने के लिए पत्राचार शुरू कर दिया गया है। जिले में अब तक 40,680 शस्त्र लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 39,202 हथियारों को ही गृह मंत्रालय के नेशनल डाटाबेस ऑफ आर्म्स लाइसेंस (एनडीएएल) पोर्टल पर यूआईएन आवंटित किया जा सका है।
