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आगरा के सदर थाना क्षेत्र के नंद प्लाजा में कैफे और मिनी सिनेमा सेंटरों की पूरी मंडी सजी हुई थी। यहां युवक-युवतियां कॉफी और मूवी देखने के बहाने आते थे। बिना आईडी के उन्हें अश्लीलता के लिए अंधेरे केबिन उपलब्ध करा दिए जाते थे। आरोप है कि थाने की पुलिस इस गोरखधंधे पर आंखें बंद किए थी। स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) की सूचना पर बुधवार को गठित टीम ने छापा मारकर केबिनों में 11 जोड़े पकड़े। तीन संचालक भी गिरफ्तार किए गए। सभी प्रतिष्ठानों को सील कर दिया गया है।
एसीपी एलआईयू ने पुलिस आयुक्त दीपक कुमार को इस गोरखधंधे की जानकारी दी थी। एडीसीपी ट्रैफिक अलका सिंह के नेतृत्व में एसीपी ताजगंज, एसीपी एलआईयू व पुलिसकर्मियों की टीम बनाई गई। अधिकारियों ने मामले में गोपनीयता बनाए रखी। थाना सदर और संबंधित एसीपी को छापे की कोई जानकारी नहीं दी गई। दोपहर एक बजे ट्रैवलर में बिठाकर फोर्स को नंद प्लाजा पहुंचाया गया। एक साथ चार कैफे और तीन मिनी सिनेमा सेंटर में छापा मारा गया। महिला पुलिसकर्मी भी साथ रखी गईं।
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केबिन में पड़ा बैड
– फोटो : अमर उजाला
अंदर का हाल देख पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। प्लाई बोर्ड से छोटे-छोटे केबिन बने हुए थे। 500 रुपये में एक घंटे के लिए केबिन दिया जा रहा था। एक सैंडविच और 20 रुपये वाली कोल्डड्रिंक मुफ्त थी। केबिन में एसी के साथ बेडनुमा सोफे थे। रोशनी के नाम पर जीरो वाट के रंगीन बल्ब थे। केबिनों में अंदर से कुंडी लगी थी। पुलिस को कई आपत्तिजनक सामान मिले। पकड़े जाने पर केबिन में बैठे युवक-युवतियां बाहर नहीं निकल रहे थे। युवतियां रो रही थीं। पुलिस ने उन्हें समझाकर केबिन से निकाला।
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केबिन
– फोटो : अमर उजाला
भीड़ और भगदड़ के दौरान काफी संख्या में युवक-युवतियां भागने में भी सफल हो गए। पकड़े गए 11 जोड़ों को उसी ट्रैवलर में बिठाकर थाना सदर ले जाया गया। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर शाम को परिजन काे थाने बुलाकर युवतियों को उनके सुपुर्द किया गया। पुलिस आयुक्त ने युवकों को हिदायत देकर परिजन के सुपुर्द करने का निर्देश दिया।
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युवक और युवतियां
– फोटो : अमर उजाला
युवतियों ने रो-रोकर बताई बातें
पुलिस की पूछताछ में युवक-युवतियाें ने बताया कि कैफे और मिनी सिनेमा सेंटर मिलने के लिए काफी उपयुक्त रहते हैं। कोई परिचित मिल जाए तो चाय-कॉफी पीने आने का बहाना हो जाता है। रुपये देने के बाद कोई आईडी नहीं देनी होती और केबिन मिल जाते थे। वहीं पार्क और होटलों में किसी के देख लेने या पुलिस के छापे का डर रहता है। उन्हें पता नहीं था कि यहां भी पुलिस पहुंच जाएगी। पकड़े जाने पर कोई कपल अपनी शादी तय होने के बाद मिलने आने की बात कह रहा था। कोई घर से बिना बताए आने की बात कहकर माफी मांग रहा था। कई तो घर से कॉलेज, कोचिंग, शॉपिंग का बहाना बनाकर आई थीं। सभी रो-रोकर पुलिसकर्मियों से घर पर सूचना नहीं देने की गुहार लगा रही थीं।
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केबिन में होटल जैसी सुविधाएं
– फोटो : अमर उजाला
केबिन में होटल जैसी सुविधाएं
मात्र 50 स्क्वायर फीट के केबिन में हर सुविधा मौजूद थी। कुछ चाहिए तो अंदर केबिन में लगी घंटी बजाकर वेटर भी बुला सकते थे। समय पूरा होने के 5 मिनट बाद ही स्टाफ बाहर निकलने के लिए केबिन खटखटाता था। अधिक समय बिताने पर 300 से 500 रुपये और देने होते थे।