इटावा। जनपद में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। गुरुवार को हुई झमाझम बारिश के बाद मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले 24 घंटों के भीतर जिले के तापमान में आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। दो दिन पहले जो पारा 43 डिग्री के पार जा रहा था, वह शुक्रवार को लुढ़ककर 34 डिग्री सेल्सियस पर सिमट गया। चार और पांच मई को भी बारिश के आसार हैं।
मई की शुरुआत में ही जून जैसी तपिश झेल रहे लोगों को कुछ राहत मिली है। गुरुवार को हुई बारिश ने न केवल वातावरण में ठंडक घोली, बल्कि धूल भरी आंधियों पर भी लगाम लगा दी। शुक्रवार सुबह से ही ठंडी हवाओं के चलने से लोगों ने राहत महसूस की। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडे ने बताया कि बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। उन्होंने बताया कि अगले दो-तीन दिनों तक तापमान में बड़ा उछाल आने की संभावना कम है। बताया कि चार और पांच मई को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से फिर बारिश के आसार बन रहे हैं। इसके बाद तापमान में और भी गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम में नरमी के कारण हीट इंडेक्स (गर्मी का अहसास) भी कम रहेगा, जिससे लोगों को लू से राहत मिलेगी।
एक मई 34
30 अप्रैल 38
29 अप्रैल 42
28 अप्रैल 41
27 अप्रैल 43
26 अप्रैल 43
25 अप्रैल 41
दो मई 38
तीन मई 37
चार मई 36
पांच मई 36
छह मई 36
मई की शुरुआत में मौसम के बदले मिजाज ने जनपद के किसानों की उम्मीदें जगा दी हैं। गुरुवार को हुई बारिश और आने वाले दिनों में वर्षा के पूर्वानुमान ने जायद की फसलों के लिए संजीवनी का काम किया है। झुलसाने वाली गर्मी और 43 डिग्री के टॉर्चर से मुरझा रही फसलों को इस प्राकृतिक सिंचाई से लाभ मिलने की उम्मीद है। जनपद में इस समय जायद की मुख्य फसलों के रूप में मक्का, मूंग, उर्द की खेती बड़े पैमाने पर की जा रही है। कृषि विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र कुमार का कहना है कि इस समय पौधों को नमी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। तेज धूप के कारण मक्के की पत्तियां ऐंठने लगी थीं, बारिश से उनकी बढ़वार तेज होगी। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि यदि ज्यादा बारिश होती है, तो खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने का प्रबंध रखें।
