कोंच (उरई)। नदीगांव थाना क्षेत्र के कनासी गांव में शनिवार की रात एक युवक का शव घर के पास बने पशुबाड़े में पेड़ पर फंदे से लटका मिला। परिजनों ने जिला पंचायत सदस्य सहित कुछ लोगों पर हत्या कर शव को फंदे पर लटकाने का आरोप लगाया। रविवार की शाम शव जब पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा तो परिजनों ने प्राथमिकी दर्ज न होने पर जाम लगा दिया। पुलिस ने जिला पंचायत सदस्य समेत 17 लोगों पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। प्रधान के पति को हिरासत में लिया है।
नदीगांव थाना क्षेत्र के कनासी गांव निवासी दिनेश उर्फ ईलू (32) का शव उसके घर के पास बने पशुबाड़े में नीम के पेड़ पर साड़ी के फंदे से लटका मिला। सूचना मिलते ही नदीगांव थानाध्यक्ष राजकुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए।
परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार दिनेश अपने धनौरा निवासी मित्र रमेश के साथ दिल्ली में काम करता था। बताया गया कि 25 जुलाई को दिल्ली में शराब पार्टी के दौरान दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद रमेश ने आत्महत्या कर ली थी। रमेश के परिजनों ने दिनेश पर आरोप लगाए थे कि उसकी वजह से रमेश ने यह कदम उठाया।
बताया गया कि रमेश के अंतिम संस्कार के बाद धनौरा गांव में पंचायत हुई थी। इसमें दिनेश से चार लाख रुपये देने की बात कही गई थी। शनिवार को गांव में ग्राम प्रधान के घर दोबारा पंचायत लगाई गई, जिसमें दिनेश के परिजनों ने पैसे देने से मना कर दिया तो पंचायत कर्ताओं ने आपा खो दिया और जमकर मारपीट की।
दिनेश के परिजनों ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत सदस्य संजू कठेरिया और कुछ अन्य लोग लगातार उस पर चार लाख रुपये देने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि रुपये न देने पर उसकी हत्या कर शव को फंदे पर लटका दिया गया।
दिनेश अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। शाम को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजनों और ग्रामीणों ने नदीगांव रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। परिजनों का कहना था कि जब तक आरोपियों के खिलाफ हत्या की कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक जाम नहीं खोला जाएगा।
सूचना पर सीओ परमेश्वर प्रसाद कोंच कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाया। परिजनों का आरोप है कि ग्राम प्रधान पान कुंवर के पति दीने के घर पर पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत में प्रधान पति दीने, जिला पंचायत सदस्य संजू, अटरिया निवासी करन, चदुर्रा निवासी घनपाल और धनौरा निवासी राजेश समेत दोनों पक्षों के करीब 50 लोग मौजूद थे। आरोप है कि पंचायतकर्ताओं ने कई बार फोन कर दिनेश के परिजनों को बुलाया और उन पर चार लाख रुपये देने का दबाव बनाया। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया।
पुलिस ने तहरीर पर धनौरा गांव निवासी गजेश, प्रधान पति दीने बरार, जिला पंचायत सदस्य संजू कठेरिया, करन बरार अटरिया, चदुर्रा निवासी धनपाल समेत 12 अज्ञात के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने प्रधान पति को हिरासत में ले लिया है। सीओ के आश्वासन के बाद परिजनों ने जाम खोल दिया। करीब दो घंटे जाम लगा रहा।
चार लाख रुपये की मांग पर बिगड़ा विवाद, दिनेश को कार में डालने का आरोप
परिजनों के अनुसार शनिवार को गांव के प्रधान के घर पर बुलाई गई पंचायत में चार लाख रुपये देने से इन्कार करने पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि पंचायत में मौजूद लोगों ने दिनेश के साथ गाली-गलौज की, उसे पकड़कर मारपीट की और जबरन चार पहिया वाहन में डालने का प्रयास किया। परिजनों ने हस्तक्षेप कर दिनेश को छुड़ाया तो आरोन्यों ने उसके रिश्तेदारों और अन्य परिजनों के साथ भी मारपीट कर दी। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना रहा।
वर्जन
परिजनों की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले में जांच की जा रही है, जांच के बाद जो भी सामने आएगा, उसी के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। – परेश्वर प्रसाद, सीओ कोंच।

फोटो – 36 मृतक दिनेश उर्फ ईलू की फाइल फोट।– फोटो : 1
