दिल्ली में सोमवार को इंडिया ब्लॉक की बैठक हुई, जिसमें विपक्षी दलों ने भाजपा सरकार के खिलाफ अपनी रणनीति को और मजबूत करने का फैसला किया। इस दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। गठबंधन ने महंगाई, बेरोजगारी और नीट पेपर लीक जैसे पांच बड़े मुद्दों पर एकमत होकर सरकार को घेरने का एलान किया। विपक्षी दल अब संसद से लेकर सड़क तक इन मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाएंगे।

बैठक में अखिलेश यादव और राहुल गांधी के बीच गर्मजोशी देखी गई, दोनों नेता नजदीक बैठे थे। सूत्रों के अनुसार, बैठक के बाद दोनों नेताओं ने अलग से मुलाकात कर अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की। अखिलेश यादव पहले भी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ने का संकेत दे चुके हैं। लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस के मिलकर लड़ने से भाजपा को उत्तर प्रदेश में बड़ा झटका लगा था। इससे केंद्र में भाजपा का तीसरी बार पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने का सपना पूरा नहीं हो सका था। इंडिया गठबंधन उत्तर प्रदेश में भाजपा के लिए कड़ी चुनौती माना जा रहा है। सपा और कांग्रेस की कोशिश है कि भाजपा को तीसरी बार सत्ता में आने से रोका जा सके। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि गठबंधन पांच बड़े मुद्दों पर एकमत हुआ है। उन्होंने साफ कहा कि विपक्षी दल लड़ेंगे और आगे बढ़ेंगे।

नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा

मल्लिकार्जुन खरगे ने नीट पेपर लीक मामले को युवाओं के भविष्य के साथ धोखा बताया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियां लाखों छात्रों की मेहनत और उम्मीदों को बर्बाद कर रही हैं। इंडिया ब्लॉक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल रही है। गठबंधन मॉनसून सत्र में भी इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाएगा और छात्रों के साथ न्याय की मांग करेगा।

इंडिया ब्लॉक के पांच बड़े एलान

बैठक के बाद विपक्षी दलों ने पांच बड़े एलान किए। इनमें महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक स्थिति के मुद्दे को देशभर में जोरदार तरीके से उठाना शामिल है। नीट पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा जाएगा। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी जारी रहेगी। विपक्षी गठबंधन मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर एसआईटी प्रक्रिया और मतदान अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाएगा।

भविष्य की रणनीति और अगली बैठक

इंडिया ब्लॉक ने अपनी बैठकों की आवृत्ति बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। गठबंधन की बैठक अब हर दो महीने में आयोजित की जाएगी। अगली बैठक आठ अगस्त को हैदराबाद में होगी। संसद के मॉनसून सत्र में सभी विपक्षी दल मिलकर भाजपा सरकार के खिलाफ साझा रणनीति के तहत मुद्दे उठाएंगे। बैठक में करीब पच्चीस विपक्षी दलों ने हिस्सा लिया और एकजुटता का प्रदर्शन किया।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी अभी की खबरें