वरिष्ठ अधिवक्ता गयादीन का सुपारी किलर कानपुर के वरुण विहार बस्ती निवासी मोनू यादव उर्फ पवन पेशवर अपराधी है। वह तीन साल पहले मामूली विवाद में एक युवक की ईंट से कूंचकर हत्या के मामले में जेल भेजा जा चुका है।
वह बड़ा गांजा तस्कर भी है। हरियाणा, छत्तीसगढ़, यूपी के मथुरा में उसके खिलाफ गांजा तस्करी के कई मुकदमे हैं। हत्या के मामले में जेल से छूटकर आने के बाद उड़ीसा से गांजा तस्करी करने गया था जहां छत्तीसगढ़ के रायपुर के तेलीबांधा थाना पुलिस ने उसे 15 किग्रा गांजे के साथ दबोच लिया। वह दो माह पहले ही जेल से छूटकर बस्ती में रहने आया था। मूलरूप से गुजरात का रहने वाला है। यहां बस्ती में पत्नी राधिका के साथ रहता है।
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शव मिलने के बाद बिलखता बेटा
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
फरारी काटने में माहिर
पुलिस सूत्रों के अनुसार मोनू फरारी काटने में माहिर है। वह मोबाइल भी नहीं रखता है। अगर किसी से बात करनी होती है तो परिचितों के मोबाइल का प्रयोग करता। जिस मोबाइल के सिम से अधिवक्ता गयादीन से बात की वह उसके पिता के नाम पर दर्ज है। मोबाइल भी स्विच ऑफ है।
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कानपुर में मिला शव
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सर्वेश के पिता होमगार्ड, आशीष चलाता था दुकान
मुठभेड़ में गिरफ्तार बर्रा विश्वबैंक एच ब्लॉक निवासी सर्वेश शुक्ला उर्फ सब्बू के पिता होमगार्ड हैं। परिवार में मां, दो बहनें और एक बड़ा भाई है। सर्वेश गाड़ी चलाता है। हालांकि, तीन माह पहले इसने दूसरे आरोपी गुजैनी के पिपौरी न्यू डायमंड सिटी निवासी आशीष विश्वकर्मा के साथ मिलकर जरौली फेज टू पुलिस चौकी के पास मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान खोली।
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शव मिलने के बाद जांच करती पुलिस की टीम
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सर्वेश पर 2023-24 में मारपीट के दो मुकदमे दर्ज हैं। आशीष पर भी मारपीट का एक मुकदमा है। वरुण विहार निवासी केशव कटियार का आपराधिक इतिहास नहीं मिला। पता चला कि यह कार-बाइक धुलाई का काम करता था।
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मुठभेड़ में घायल आरोपी
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हनक बनाने के लिए थामा मोनू का हाथ
इलाकाई लोगों के मुताबिक आशीष विश्वकर्मा इलाके में हनक जमाने के लिए अपराधियों के साथ उठने बैठने लगा था। यही हाल केशव कटियार का रहा। इसी दौरान हत्या के बाद जेल से छूट कर आए मोनू से दोनों ने यारी बढ़ाई। इधर जब मोनू ने हत्या की सुपारी ली तो सभी को दो-दो लाख रुपये देने का आश्वासन दिया था।