मुनाफाखोर मसालों से लेकर सरसों के तेल और नमकीन में भी मिलावट कर रहे हैं। मसालों में डंठल और सिंथेटिक रंग तो सरसों और वनस्पति तेल में राइसब्रान, आर्जिमोन के बीजों के तेल की मिलावट पकड़ी जा चुकी है। यहां तक कि पैक्ड पानी भी पीने लायक नहीं निकला है। खाद्य विभाग ने नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे थे। रिपोर्ट में मिलावट का खेल सामने आया।
सहायक आयुक्त खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि खाद्य विभाग ने अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक की जांच में रिपोर्ट के अनुसार बताया कि सरसों के तेल के 42 नमूनों में 12 नमूने फेल मिले, जिनमें 11 में मिलावट पाई गई। इनमें पाम ऑयल, राइस ब्रान ऑयल, आर्जिमोन के बीजों के तेल की मिलावट पाई गई। दाल और नमकीन भी घटिया पाए गए, इनमें घुन (कीड़े) मिले। दाल के 57 की जांच में 11 नमूने फेल मिले। इसमें 10 में दाल घटिया पाई गई। एक में कीड़े मिले। मसालों की बात करें तो 25 की जांच में पांच नमूने फेल मिले। इनमें मिर्च-धनिया में डंठल और सिंथेटिक रंग पाया गया।