श्रीराम जन्मभूमि परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लागू की गई नई दर्शन व्यवस्था का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। सामान्य पासधारक श्रद्धालु लगभग डेढ़ घंटे में रामलला के दर्शन के साथ परिसर के नौ उपमंदिरों का दर्शन कर पा रहे हैं, जबकि विशिष्ट पासधारक मात्र 30 मिनट में राम मंदिर समेत परकोटा स्थित प्रमुख मंदिरों के दर्शन पूर्ण कर ले रहे हैं।
ट्रस्ट की ओर से लागू की गई इस नई व्यवस्था के तहत दर्शन मार्ग को सुव्यवस्थित किया गया है। दो-दो घंटे के स्लॉट पर राम मंदिर परिसर के सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं को दर्शन की सुविधा मिल रही है। प्रवेश और निकास के रास्तों को अलग-अलग किया गया है, जिससे भीड़ का दबाव कम है। कतारों को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग, दिशा संकेतक बोर्ड, सुरक्षा कर्मियों की अतिरिक्त तैनाती और स्वयंसेवकों की सहायता भी उपलब्ध कराई गई है। सामान्य पासधारकों को निर्धारित संख्या में प्रवेश दिया जा रहा है, वहीं विशिष्ट पासधारकों के लिए विशेष कॉरिडोर बनाया गया है। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और महिलाओं के लिए भी विशेष सहयोग व्यवस्था रखी गई है। परिसर में पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
स्थानीय महिला श्रद्धालु शिल्पी गुप्ता ने बताया कि सुबह नौ बजे राम जन्मभूमि दर्शन पथ से प्रवेश किया था। करीब 90 मिनट में राम मंदिर, सप्तमंडपम, शेषावतार समेत कुबेर टीला के दर्शन सुगमता से हो गए। दर्शन सहज, व्यवस्थित तरीके से हो रहा है। पहली बार पूरे परिसर को देखने का मौका मिला। वास्तव में परिसर मनमोहक है। वहीं बस्ती निवासी अनिल शर्मा ने भी बताया कि डेढ़ घंटे में दर्शन हो जा रहे हैं। परिसर का स्थापत्य आकर्षित करता है, राजमहल जैसी अनुभूति होती है।
सुविधाओं में होगा इजाफा
व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है। उद्देश्य यही है कि हर श्रद्धालु को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुगम वातावरण में प्रभु श्रीराम के दर्शन मिल सकें। आने वाले दिनों में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। परिसर के सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं को दर्शन मिले, यह सुविधा भी आने वाले दिनों में उपलब्ध कराई जाएगी।- डॉ. अनिल मिश्र, सदस्य, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट
