कासगंज जिले के सहावर के चहका गुनार गांव में मंगलवार को आंबेडकर शोभायात्रा के दौरान जिस रास्ते को लेकर बवाल हुआ, उसी रास्ते को लेकर 30 साल पहले भी गांव में विवाद हुआ था। उस वक्त कई लोग चोटिल हो गए थे। इसके बाद कुछ साल तक इस रास्ते से शोभायात्रा का गुजरना बंद हो गया था। पिछले साल इस रास्ते से शोभायात्रा होकर गुजरी थी तो इस साल फिर से इसकी अनुमति प्रशासन ने दे दी मगर फिर से रास्ते को लेकर बवाल हो गया।
गांव के एक व्यक्ति ने नाम छापने की शर्त पर बताया कि गांव चहका गुनार में आंबेडकर शोभायात्रा को लेकर रास्ते का विवाद करीब 30 साल पुराना है। 30 साल पहले इसी रास्ते से शोभायात्रा निकालने को लेकर अनुसूचित जाति और एक जाति विशेष के लोगों में विवाद हो गया था। उस समय विवाद के दौरान कई लोग चोटिल भी हुए थे।
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कासगंज में आंबेडकर शोभायात्रा रोकने पर बवाल, मौके पर पहुंची पुलिस
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद से इस रास्ते से होकर शोभायात्रा का निकलना कुछ वर्षों तक बंद हो गया था। उन्होंने बताया कि पिछले साल शोभायात्रा इसी रास्ते से होकर गुजरी थी। इस दौरान यादव पक्ष के लोग गांव में मौजूद नहीं थे।
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कासगंज में आंबेडकर शोभायात्रा रोकने पर बवाल, छतों से पथराव
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन लोगों को बाद में इसकी जानकारी हुई तो आक्रोश फूट गया था। चूंकि, पिछले साल इस रास्ते से शोभायात्रा निकली थी, इसलिए इस साल भी प्रशासन की ओर से इसी रास्ते की अनुमति दे दी गई। इससे 30 साल पुराना विवाद फिर से भड़क उठा।
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उपद्रवियों की तलाश में दी दबिश
आंबेडकर शोभायात्रा के दौरान पुलिस पर हमला और पथराव करके माहौल खराब करने वाले उपद्रवियों को पुलिस वीडियो के जरिए चिह्नित करने में जुट गई है। पुलिस की कई टीमें उपद्रवियों की तलाश में लगाई गई हैं। टीमें लगातार दबिश देकर उपद्रवियों को गिरफ्तार करने में जुटी हैं।
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कासगंज में आंबेडकर शोभायात्रा रोकने पर बवाल
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव में तैनात की गई भारी फोर्स
बवाल के बाद गांव चहका गुनार में पीएसी समेत भारी फोर्स तैनात कर दिया गया है। सीओ सहावर शाहिदा नसरीन घटनास्थल के पास कैंप कर रही है। ताकि गांव में फिर से किसी प्रकार के तनाव की स्थिति न बन सके। बवाल के बाद उपद्रवी घर छोड़कर भाग निकले हैं। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।