खैर में टेंटी गांव तिराहे के पास जाम की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्होंने परिचित की बाइक ली और उर्मी को लेकर गलियों के रास्ते अस्पताल पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन जाम से निकलने में करीब एक घंटे का समय लग गया। इस दौरान बच्ची की हालत लगातार बिगड़ती रही और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उर्मी ने चाचा की गोद में दम तोड़ दिया। बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया तो चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि जाम के कारण समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण बच्ची की जान गई है। रोते-बिलखते परिजन उर्मी के शव को बिना किसी कानूनी कार्रवाई के घर ले गए और उसका अंतिम संस्कार कर दिया। बताया गया है कि कन्हैयालाल अनाज मंडी में मजदूरी करते हैं, उनका उर्मी से छोटा चार का बेटा समीर है, बच्ची की मौत से उसकी मां गुड़िया का रो रो कर बुरा हाल है।
दोपहर के समय बारिश के बाद अचानक सड़कों पर दोपहिया वाहनों की संख्या बढ़ गई थी। जगह-जगह जलभराव होने के कारण यातायात की गति धीमी हो गई, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न हुई और यातायात प्रभावित रहा।-अभिषेक पटेल, सीओ खैर।
बच्ची को अस्पताल लाए जाने से पहले ही उसकी मृत्यु हो चुकी थी। क्षेत्र में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अधिकांश मरीज तीन से चार दिन के उपचार के बाद स्वस्थ हो रहे हैं।-डॉक्टर रोहित भाटी, सीएचसी प्रभारी खैर।
