अकराबाद के गांव दभा में मंगलवार की सुबह बिटोरा से कंडा निकाल रही 42 वर्षीय संतोषी देवी को सांप ने डस लिया। परिजन उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। डेढ़ घंटे तक इलाज के बाद भी हालत बिगड़ती गई। डॉक्टरों ने वेंटिलेटर खाली न होने की बात कहते हुए रेफर कर दिया। निजी अस्पताल ले जाने पर महिला को मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिजन शव लेकर गांव पहुंचे और बाईगीरों को बुलाकर देर रात तक झाड़-फूंक कराते रहे।
मृतका के पति अर्जुन सिंह ने बताया कि सुबह बिटोरा में छिपकर बैठ जहरीले सांप ने पत्नी को डस लिया। जेएन मेडिकल में करीब डेढ़ घंटे तक इलाज हुआ लेकिन तबीयत बिगड़ती गई। डॉक्टरों ने वेंटिलेटर की आवश्यकता बताई और ये भी कहा कि मेडिकल कॉलेज में कोई वेंटिलेटर खाली नहीं है। ऐसे में वह मरीजों को तुरंत कहीं और ले जाएं जहां वेंटिलेटर की सुविधा हो।
अर्जुन सिंह के अनुसार, वह पत्नी को लेकर एक के बाद एक दो निजी अस्पताल पहुंचे लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव लेकर वह घर लौट जाए। ग्रामीणों की सलाह पर उन्होंने बाईगीर बुला लिया। दोपहर एक बजे से रात तक बाईगीर शव के साथ झाड़-फूंक करते रहे।
संतोषी देवी मामले की स्पष्ट जानकारी नहीं है। चूंकि आज सभी वेंटिलेटर फुल थे इसलिए संभव है कि मरीज की हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर सुविधा के लिए उच्च सेंटर रेफर किया गया होगा। -प्रो. अंजुम परवेज, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज
