म्यांमार के एक रोहिंग्या ने फर्जी तरीके से भारतीय पहचान के तौर पर आधार और पैन कार्ड बनवाने के बाद भारतीय पासपोर्ट हासिल कर लिया। इस पासपोर्ट के जरिये उसने दुबई और सऊदी अरब की यात्राएं भी कीं। इस खुलासे के बाद यूपी एटीएस लखनऊ विंग ने आरोपी रिजवान उर्फ रफीक को अलीगढ़ से गिरफ्तार किया है।
एसपी सिटी आदित्य बंसल ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है। एटीएस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड, 500 रुपये नकद, बैंक ऑफ बड़ौदा की पासबुक और संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) कार्ड की छायाप्रति बरामद किया गया है। मोबाइल फोन की जांच में दो सिम कार्ड मिले। इसमें एक बांग्लादेश का सिम कार्ड है। आरोपी के मोबाइल फोन में पासपोर्ट से जुड़े प्रमाण भी मिले हैं।
इस मामले में थाना रोरावर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एटीएस की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, गिरफ्तार व्यक्ति के पास मिले दस्तावेजों में उसका नाम रफीक पुत्र जावेद खान, निवासी इस्लाम नगर, थाना कोतवाली नगर, अलीगढ़ दर्ज है। जबकि उसकी वास्तविक पहचान रिजवान पुत्र जाफर आलम, निवासी रायमेबिल, थाना मोंगडू, जिला मोंगडू, रखाइन प्रांत, म्यांमार के रूप में हुई है।
मुखबिर से मिली सूचना पर की कार्रवाई
एटीएस मुख्यालय लखनऊ में दर्ज एक अन्य मामले की विवेचना के सिलसिले में एटीएस टीम 17 अगस्त को हरियाणा गई थी। टीम 21 अगस्त को अलीगढ़ पहुंची। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि म्यांमार का एक नागरिक अलीगढ़ में फर्जी तरीके से भारतीय पहचान पत्र बनवाकर भारतीय पासपोर्ट हासिल कर चुका है। आरोपी इसी पासपोर्ट के जरिये दो बार विदेश यात्रा भी कर चुका है और इस समय अलीगढ़ में ही मौजूद है। सूचना पर एटीएस की टीम अलीगढ़ में इंडियन ऑयल के पास पहुंची। निरीक्षक महेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने नादा चौराहे के पास मथुरा रोड से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
