बीमारी ठीक करने, संकट टालने, अच्छी नौकरी और आर्थिक मदद का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने वाले एक बड़े और हाईटेक नेटवर्क का खुलासा हुआ है। डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सामने आया है कि यह नेटवर्क सिर्फ एक जिले या प्रदेश तक सीमित नहीं है बल्कि देश के कई राज्यों में फैला हुआ है।

डीसीपी के मुताबिक, आरोपियों का टारगेट बिल्कुल फिक्स रहता है। वे ऐसी बस्तियों और इलाकों को चुनते हैं जहां अशिक्षित आबादी ज्यादा है। शुरुआत में जन्मदिन पार्टियों, मेल-मिलाप या किसी समस्या व बीमारी के समाधान के बहाने लोगों से संपर्क करते हैं। इसके बाद उन्हें चंगाई सभाओं में बुलाया जाता है, जहां पहले से जुड़े लोग ठीक होने का दावा कर के नया विश्वास कायम करते हैं। एक बार भरोसा जीतने के बाद हिंदू धर्म की कमियां और ईसाई धर्म की अच्छाइयां बताकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जाता है।

 




Agra Conversion Network: High-Tech Trap Using Healing Meets Apps and Incentives Four Arrested

अवैध धर्मांतरण 
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


एक्सेल शीट और एप से हाईटेक संचालन

यह गिरोह बेहद योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा था। पुलिस के अनुसार, किस दिन कहां जाना है, कितने लोगों से बात हुई और कितने लोग तैयार हुए, इसका पूरा हिसाब कंप्यूटर की एक्सेल शीट पर रखा जाता था। आरोपियों से जुड़े करीब 200 लोगों में से 50 लोग अकेले आगरा में सक्रिय मिले हैं, जो खासतौर पर सिकंदरा और एत्माद्दौला क्षेत्र में ज्यादा सक्रिय हैं। एक-दूसरे से संपर्क के लिए वे सिग्नल, ईमो और जूम एप का इस्तेमाल करते थे। राज्यों को जोन में बांटकर प्रभारी बनाए गए थे। ईस्ट-वेस्ट जोन (दिल्ली, यूपी, एमपी, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा) का प्रभारी विनीत को बनाया गया था। हर नए व्यक्ति को जोड़ने पर कमीशन भी तय था।

 


Agra Conversion Network: High-Tech Trap Using Healing Meets Apps and Incentives Four Arrested

अवैध धर्मांतरण 
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले

आगरा में धर्मांतरण के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। सदर क्षेत्र में दो बहनों के मामले में 14 आरोपी गिरफ्तार हुए थे, जिसके तार दूसरे राज्यों से जुड़े थे। शाहगंज के केदार नगर में भी ईसाई धर्मांतरण के मामले में 8 लोग पकड़े गए थे, जिनके तार मुंबई और पंजाब से मिले थे। इसके अलावा आवास विकास कॉलोनी में भी छापे मारे जा चुके हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले में फंडिंग करने वालों और अन्य नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।

 


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डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


जितने अधिक लोगों को जोड़ा, उतना ज्यादा कमीशन

डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि ईसाई धर्मांतरण का नेटवर्क हाईटेक तरीके से संचालित हो रहा था। इसमें सक्रिय लोगों का पूरा हिसाब-किताब कंप्यूटर पर एक्सेल शीट में रखा जाता है। किस दिन कहां गए? कौन और कितने लोगों से बात की गई? कौन धर्मांतरण के लिए तैयार हुआ? कौन नहीं तैयार हुआ? अब कहां और कितनी सभाएं करनी हैं? इस सबकी जानकारी रखी जाती है। धर्मांतरण के लिए तैयार लोगों की संख्या बढ़ने पर कमीशन की धनराशि भी बढ़ जाती थी।

 


Agra Conversion Network: High-Tech Trap Using Healing Meets Apps and Incentives Four Arrested

अवैध धर्मांतरण 
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


सदस्यों के निशाने पर रहते हैं पिछड़े इलाके

पुलिस की पूछताछ में सामने आया धर्मांतरण के नेटवर्क में शामिल लोग किसी एक स्थान पर सक्रिय नहीं होते। उनके टारगेट पर ऐसे इलाके रहते हैं, जहां पर ज्यादातर आबादी अशिक्षित होती है। ऐसे में बीमारी दूर करने, रुपये देकर आर्थिक परेशानी को समाप्त करने और परिवार समस्या के समाधान की बातें कही जाती हैं।

 




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