लखनऊ के गोसाईंगंज के मीसा गांव निवासी रामतीरथ (35) की हत्या तीन जुलाई की रात उनकी पत्नी, भाई और चचेरे भाई ने की थी। आरोपियों ने शव को बाराबंकी के सतरिख इलाके में सूखी नहर में बोरे में भरकर फेंक दिया था। बाराबंकी पुलिस ने 10 जुलाई को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर किया था। घटनास्थल गोसाईंगंज होने के कारण बाराबंकी पुलिस ने केस गोसाईंगंज थाने में ट्रांसफर कर दिया है।
श्रमिक रामतीरथ तीन जुलाई को लापता हुए थे। पांच जुलाई को उनका शव बाराबंकी के सतरिख में सूखी नहर में मिला। शिनाख्त नहीं हो सकी थी। 10 जुलाई को सोशल मीडिया पर शव की फोटो देखकर रामतीरथ के पिता दयाराम ने पहचान की। उन्होंने रामतीरथ की पत्नी रामदुलारी, बेटे अवधेश और भतीजे सरजीत पर हत्या का शक जताया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चेहरे पर चोट के निशान थे पर मौत का कारण स्पष्ट नहीं था।
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खाने में नशे की छह गोलियां देकर की गई थी हत्या
बाराबंकी पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि तीन जुलाई की रात रामदुलारी ने पति रामतीरथ को खीर में नशे की छह गोलियां दीं। इसके बाद अवधेश, रामतीरथ को सरजीत के घर ले गया। वहां आरोपियों ने ईंट से वार कर और कपड़े से मुंह दबाकर रामतीरथ की हत्या कर दी। हत्या के बाद पांच जुलाई की भोर में अवधेश और सरजीत ने शव को बोरे में भरा। फिर स्कूटी से सतरिख की सूखी नहर में फेंक दिया।
अवैध संबंध और झगड़ा बना कारण
पूछताछ में पता चला कि रामदुलारी के सरजीत से अवैध संबंध थे। अवधेश नशे का आदी था और उसका रामतीरथ से कई बार झगड़ा हो चुका था। इन्हीं कारणों से तीनों ने मिलकर रामतीरथ की हत्या की थी। सहायक पुलिस आयुक्त गोसाईंगंज ऋषभ यादव ने बताया कि जांच में हत्या का घटनास्थल सरजीत का मकान, गोसाईंगंज था। गोसाईंगंज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
