बहुजन समाज पार्टी ने विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रत्याशी चयन की कवायद भी तेजी से जारी है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद की भूमिका नहीं होने से कार्यकर्ताओं में उहापोह की स्थिति है। बसपा सुप्रीमो मायावती द्वारा भी आकाश की भूमिका को लेकर स्थिति साफ नहीं करने से भी असमंजस बना है।

पार्टी नेताओं के मुताबिक यूपी की सियासत में आकाश आनंद की गैरमौजूदगी से पार्टी को नुकसान हो सकता है। भले की आकाश ने कोई चुनाव नहीं लड़ा है, लेकिन आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद का मुकाबला करने के लिए बसपा को युवा चेहरे की जरूरत है। 

आकाश को लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी से बाहर करने के बाद जब वापस लिया गया था तो उन्हें यूपी और उत्तराखंड की राजनीति से दूर रखने का फैसला हुआ था। हिंदी पट्टी के दो प्रमुख राज्यों, जहां बसपा का खासा जनाधार भी रहा है आकाश को कोई जिम्मेदारी नहीं देना पार्टी के भविष्य पर असर डाल सकता है।

 



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