अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh

Updated Sat, 27 Jun 2026 10:05 AM IST

आरटीई अधिनियम के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश नहीं देने और विभागीय नोटिस का जवाब न देने वाले पांच निजी स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी है। बेसिक शिक्षा विभाग इन स्कूलों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है।


Five Private Schools Face one Lakh Fine for Denying RTE Admissions and Ignoring Notices

स्कूल (सांकेतिक)
– फोटो : अमर उजाला



विस्तार

आगरा में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश देने में आनाकानी करने वाले निजी स्कूलों पर अब कार्रवाई करने की तैयारी शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी नोटिस की अवधि समाप्त होने के बावजूद 5 स्कूलों ने जवाब नहीं दिया। ऐसे में इन स्कूलों पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।


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बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि आरटीई के तहत प्रवेश नहीं देने वाले 5 निजी विद्यालयों को नोटिस जारी किए थे। इनमें दो स्कूलों को 18 जून, एक स्कूल को 15 जून, एक को 11 जून और एक विद्यालय को 3 जून को नोटिस भेजा गया था। नोटिस में स्कूल प्रबंधन से स्पष्ट जवाब मांगा गया था कि आरटीई के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश क्यों नहीं दिया गया। किसी भी स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई भी जवाब नहीं भेजा गया। न ही विद्यार्थियों को प्रवेश देने की जानकारी दी गई। इसके लिए अब स्कूल संचालकों के खिलाफ एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

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25 प्रतिशत सीटों पर निशुल्क शिक्षा का अधिकार

आरटीई अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटों पर निशुल्क शिक्षा का अधिकार दिया गया है। इसके लिए चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्कूलों की जिम्मेदारी होती है कि वे निर्धारित समय सीमा में बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित करें।

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