छत्रपति शिवाजी महाराज के 17 अगस्त 1666 को औरंगजेब की कैद से मुक्त होने की ऐतिहासिक स्मृति में सोमवार को आगरा किला स्थित शिवाजी प्रतिमा स्थल से आठवीं ”गरुड़ झेप यात्रा” का भव्य शुभारंभ किया गया। 1253 किलोमीटर लंबी इस यात्रा को रवाना करने से पहले उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री जयकुमार रावल और भरत सेठ गोगावले ने 101 लीटर जल से शिवाजी महाराज की प्रतिमा का जलाभिषेक किया।

झेप मुहिम संस्था के तत्वावधान में आयोजित इस 35 दिवसीय यात्रा में 100 धावक और 100 साइकिल सवार शामिल हैं, जो चार राज्यों के 78 शहरों से गुजरेंगे। यात्रा में 1300 किलोमीटर साइकिल चलाने का संकल्प लेने वाली 88 वर्षीय मराठी महिला और शिवाजी महाराज के सेनापतियों के 14वें वंशज भी सम्मिलित हुए हैं। इस दौरान महाराष्ट्र और गोवा से आई महिला कलाकारों ने प्राचीन युद्ध कला, तलवारबाजी व लाठी चलाने के हैरतअंगेज करतब दिखाए। समर्थ गुरु रामदास एवं छत्रपति शिवराय प्रतिष्ठान द्वारा यात्रा का मराठी परंपरा से स्वागत किया गया।

कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि कोठी मीना बाजार में शिवाजी महाराज की स्मृति में बनने वाले भव्य संग्रहालय में 50 फुट से अधिक ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यूपी सरकार ने इसके लिए 9 करोड़ रुपये की धनराशि जारी कर दी है। महाराष्ट्र के मंत्री भरत सेठ गोगावले ने कहा कि यह स्मारक उत्तर और दक्षिण भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बनेगा। इसके बाद सर्किट हाउस में यूपी-महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त समिति बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी मनीष बंसल की मौजूदगी में हुई इस बैठक में कोठी मीना बाजार स्थल को विश्वस्तरीय विरासत एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने, मास्टर प्लान/डीपीआर तैयार करने पर मंथन हुआ।

हर साल 17 अगस्त को शिव चातुर्य दिवस मनाएंगे यूपी और महाराष्ट्र

छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक और पर्यटन से जुड़ी बहुप्रतीक्षित परियोजना को लेकर उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को हुई। इसमें 17 अगस्त को शिव चातुर्य दिवस के रूप में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के पर्यटन विभागों द्वारा संयुक्त रूप से मनाने का निर्णय लिया गया। इसी दिन 1666 में शिवाजी महाराज के आगरा से औरंगजेब की कैद से निकले थे।

बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री भरत सेठ गोगावले और जयकुमार रावल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से लैस स्मारक का निर्माण दोनों राज्यों की सरकारें मिलकर करेंगी। इसके लिए जल्द ही दोनों राज्यों के अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन स्तर की बैठकें कर समझाैता ज्ञापन तैयार किया जाएगा। निर्माण के लिए कई सौ करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है, जिसके तहत इंटीरियर डिजाइनर्स और इंजीनियर्स की विशेष टीमें काम करेंगी। लाइट एंड साउंड शो आकर्षण का केंद्र रहेगा। इस अवसर पर देशभर में मैराथन, साइकिल रैलियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे युवा पीढ़ी को शिवाजी महाराज की कूटनीति, चातुर्य और संयम के गुणों से जोड़ा जा सके।

 



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